Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- الصَّيْحَةُ: भयानक चीत्कार, एक प्रचंड आवाज़ जो विनाश का कारण बनी।
- غُثَاءً: वह सूखा हुआ कूड़ा-कचरा और घास-फूस जो बाढ़ के पानी की सतह पर तैरता हुआ दिखाई देता है, जिसका कोई उपयोग नहीं होता।
- فَبُعْدًا: विनाश और रहमत से दूरी।
तफ़सीर:
जब उस ज़ालिम क़ौम ने अपने नबी की नसीहत को ठुकरा दिया और हठधर्मी पर अड़े रहे, तो अल्लाह का अज़ाब उन पर आ पहुंचा। एक ऐसी भयानक चीत्कार (सैहा) ने उन्हें आ घेरा, जो सच्चाई और इंसाफ़ पर आधारित थी—यानी उन्होंने जो कुछ भी किया था, उसका पूरा-पूरा बदला उन्हें मिला। यह आवाज़ इतनी प्रचंड थी कि उनकी सांसें थम गईं, दिल फट गए और वे सब के सब मर गए।
फिर अल्लाह ने उन्हें ऐसा बर्बाद किया कि वे उस कूड़े-कचरे की तरह हो गए जो बाढ़ के पानी पर तैरता है—बेकार, बेजान और तुच्छ। उनकी शक्ति, उनकी ताकत और उनकी शानो-शौकत सब कुछ मिट्टी में मिल गया। कोई उन्हें याद नहीं करता, कोई उनके लिए आंसू नहीं बहाता।
यही है उन ज़ालिमों का अंजाम जो अल्लाह की आयतों को झुठलाते हैं और अपने नबियों का मज़ाक उड़ाते हैं। उनके लिए अल्लाह की रहमत से दूरी और विनाश है। यह केवल एक खबर नहीं, बल्कि एक चेतावनी है—हर उस इंसान के लिए जो अल्लाह के हुक्म को नज़रअंदाज़ करता है और ज़ुल्म पर कायम रहता है।
दीनी पैग़ाम:
यह क़िस्सा हमारे लिए एक ज़िंदा सबक़ है। अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, लेकिन वह ढील देता है ताकि बंदे तौबा कर लें। जो लोग अल्लाह के रसूलों की बात नहीं मानते और अपनी ज़िद पर अड़े रहते हैं, उनका अंजाम यही होता है—बर्बादी और रहमत से दूरी।
आज भी अल्लाह हमें मौका दे रहा है कि हम अपनी गलतियों से तौबा करें, अपने नबी ﷺ की सुन्नत पर चलें और ज़ुल्म से बचें। याद रखिए, अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो उसकी तरफ लौटते हैं, और उसका अज़ाब उनके लिए है जो हक़ को ठुकराते हैं। आइए, हम उन ज़ालिमों की तरह न बनें, बल्कि नेक बंदों की तरह जिएं, ताकि अल्लाह की रहमत और उसकी मगफिरत हमारे नसीब हो।
📜 आयत 39-43 — सूरा अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 41
सूरा अल-मोमिनुन आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज़ उन्हें यक़ीनन एक सख्त चिंघाड़ ने ले डाला तो…सूरा आयत 41/118 — सूरा अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मोमिनुन सुनें, सूरा अल-मोमिनुन अनुवाद, सूरा अल-मोमिनुन mp3, सूरा अल-मोमिनुन pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मोमिनुन
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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