अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- अनश्ना: हमने पैदा किया, बनाया, उत्पन्न किया।
- क़ुरून: क़ौमें, समुदाय, जमातें (यह 'क़र्न' का बहुवचन है, जिसका अर्थ है एक पीढ़ी या युग)।
- आख़रीन: और भी, दूसरे, अन्य।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में बताते हैं कि जब पहले की झूठलाने वाली क़ौमें (जैसे नूह, हूद, सालेह और इब्राहीम अलैहिमुस्सलाम की क़ौमें) अपनी सरकशी और नाफ़रमानी की वजह से हलाक कर दी गईं, तो उनके बाद अल्लाह ने और क़ौमें पैदा कीं। ये नई क़ौमें भी उन्हीं की तरह अल्लाह के रसूलों को झुठलाने वाली थीं, जैसे क़ौमे लूत, क़ौमे शुऐब और क़ौमे यूनुस अलैहिमुस्सलाम की क़ौमें।
यह अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) है कि जब कोई क़ौम हक़ को ठुकरा देती है और अपनी ज़िद पर अड़ी रहती है, तो अल्लाह उसे हलाक करके उसकी जगह दूसरी क़ौम ले आता है। यह तबदीली अल्लाह की क़ुदरत और हिकमत का नमूना है, ताकि इंसान सबक़ हासिल करे कि अल्लाह की पकड़ से बचना मुमकिन नहीं।
इस आयत में एक बड़ी नसीहत है कि इतिहास के पन्नों को पलटकर देखो, कितनी ही क़ौमें आईं और चली गईं, उनकी ताक़त, माल और औलाद उनके किसी काम न आई। अल्लाह की नाफ़रमानी करने वालों का अंजाम हमेशा बर्बादी ही रहा है। यह हमारे लिए चेतावनी है कि हम अपने अमल को दुरुस्त करें, अल्लाह के हुक्मों की पैरवी करें और अपने पैग़म्बर ﷺ की सुन्नत पर चलें, ताकि हम उन क़ौमों के अंजाम से महफूज़ रहें।
यह भी याद रखें कि अल्लाह रहीम और करीम है, वह तौबा करने वालों को माफ़ कर देता है और उन्हें अपनी रहमत से नवाज़ता है। जो लोग अपनी ग़लतियों से बाज़ आकर अल्लाह की तरफ़ रुजू करते हैं, उनके लिए जन्नत की खुशखबरी है। इसलिए हमें कभी निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि अल्लाह की रहमत की तरफ़ दौड़ना चाहिए और अपनी ज़िंदगी को उसके हुक्मों के मुताबिक ढालना चाहिए।
📜 आयत 40-44 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 42
सूरा अल-मोमिनुन आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर हमने उनके बाद दूसरी क़ौमों को पैदा कियासूरा आयत 42/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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