अल-मोमिनुन · 42/118
अनुवाद उच्चारण — अल-मोमिनुन
ثُمَّ أَنشَأْنَا مِن بَعْدِهِمْ قُرُونًا آخَرِينَ ۝٤٢
Summa anshaanaa mim ba`dihim quroonan aakhareen
📖 हिंदी अर्थ
फिर हमने उनके बाद दूसरी क़ौमों को पैदा किया
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • अनश्ना: हमने पैदा किया, बनाया, उत्पन्न किया।
  • क़ुरून: क़ौमें, समुदाय, जमातें (यह 'क़र्न' का बहुवचन है, जिसका अर्थ है एक पीढ़ी या युग)।
  • आख़रीन: और भी, दूसरे, अन्य।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला इस आयत में बताते हैं कि जब पहले की झूठलाने वाली क़ौमें (जैसे नूह, हूद, सालेह और इब्राहीम अलैहिमुस्सलाम की क़ौमें) अपनी सरकशी और नाफ़रमानी की वजह से हलाक कर दी गईं, तो उनके बाद अल्लाह ने और क़ौमें पैदा कीं। ये नई क़ौमें भी उन्हीं की तरह अल्लाह के रसूलों को झुठलाने वाली थीं, जैसे क़ौमे लूत, क़ौमे शुऐब और क़ौमे यूनुस अलैहिमुस्सलाम की क़ौमें।

यह अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) है कि जब कोई क़ौम हक़ को ठुकरा देती है और अपनी ज़िद पर अड़ी रहती है, तो अल्लाह उसे हलाक करके उसकी जगह दूसरी क़ौम ले आता है। यह तबदीली अल्लाह की क़ुदरत और हिकमत का नमूना है, ताकि इंसान सबक़ हासिल करे कि अल्लाह की पकड़ से बचना मुमकिन नहीं।

इस आयत में एक बड़ी नसीहत है कि इतिहास के पन्नों को पलटकर देखो, कितनी ही क़ौमें आईं और चली गईं, उनकी ताक़त, माल और औलाद उनके किसी काम न आई। अल्लाह की नाफ़रमानी करने वालों का अंजाम हमेशा बर्बादी ही रहा है। यह हमारे लिए चेतावनी है कि हम अपने अमल को दुरुस्त करें, अल्लाह के हुक्मों की पैरवी करें और अपने पैग़म्बर ﷺ की सुन्नत पर चलें, ताकि हम उन क़ौमों के अंजाम से महफूज़ रहें।

यह भी याद रखें कि अल्लाह रहीम और करीम है, वह तौबा करने वालों को माफ़ कर देता है और उन्हें अपनी रहमत से नवाज़ता है। जो लोग अपनी ग़लतियों से बाज़ आकर अल्लाह की तरफ़ रुजू करते हैं, उनके लिए जन्नत की खुशखबरी है। इसलिए हमें कभी निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि अल्लाह की रहमत की तरफ़ दौड़ना चाहिए और अपनी ज़िंदगी को उसके हुक्मों के मुताबिक ढालना चाहिए।

🎧 सुनें

📜 आयत 40-44 — अल-मोमिनुन

40قَالَ عَمَّا قَلِيلٍ لَّيُصْبِحُنَّ نَادِمِينَ
अनक़रीब ही ये लोग नादिम व परेशान हो जाएँगे
41فَأَخَذَتْهُمُ الصَّيْحَةُ بِالْحَقِّ فَجَعَلْنَاهُمْ غُثَاءً ۚ فَبُعْدًا لِّلْقَوْمِ الظَّالِمِينَ
ग़रज़ उन्हें यक़ीनन एक सख्त चिंघाड़ ने ले डाला तो हमने उन्हें कूडे क़रकट (का ढेर) बना छोड़ा पस ज़ालिमों पर (खुदा की) लानत है
42ثُمَّ أَنشَأْنَا مِن بَعْدِهِمْ قُرُونًا آخَرِينَ
फिर हमने उनके बाद दूसरी क़ौमों को पैदा किया
43مَا تَسْبِقُ مِنْ أُمَّةٍ أَجَلَهَا وَمَا يَسْتَأْخِرُونَ
कोई उम्मत अपने वक्त मुर्करर से न आगे बढ़ सकती है न (उससे) पीछे हट सकती है
44ثُمَّ أَرْسَلْنَا رُسُلَنَا تَتْرَىٰ ۖ كُلَّ مَا جَاءَ أُمَّةً رَّسُولُهَا كَذَّبُوهُ ۚ فَأَتْبَعْنَا بَعْضَهُم بَعْضًا وَجَعَلْنَاهُمْ أَحَادِيثَ ۚ فَبُعْدًا لِّقَوْمٍ لَّا يُؤْمِنُونَ
फिर हमने लगातार बहुत से पैग़म्बर भेजे (मगर) जब जब किसी उम्मत का पैग़म्बर उन के पास आता तो ये लोग उसको झुठलाते थे तो हम थी (आगे पीछे) एक को दूसरे के बाद (हलाक) करते गए और हमने उन्हें (नेस्त व नाबूद करके) अफसाना बना दिया तो ईमान न लाने वालो पर ख़ुदा की लानत है
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अनुवाद — अल-मोमिनुन 42

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Tuesday, August 18, 2026

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