अश-शुआरा · 12/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
قَالَ رَبِّ إِنِّي أَخَافُ أَن يُكَذِّبُونِ ۝١٢
Qaala Rabbi inneee akhaafu ai yukazziboon
📖 हिंदी अर्थ
मूसा ने अर्ज़ कि परवरदिगार मैं डरता हूँ कि (मुबादा) वह लोग मुझे झुठला दे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • رَبِّ (रब्बी): मेरे पालनहार
  • أَخَافُ (अख़ाफ़ु): मैं डरता हूँ
  • يُكَذِّبُونِ (युकज़्ज़िबूनी): वे मुझे झुठलाएँगे

तफ़सीर (व्याख्या):

हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने जब अल्लाह तआला से ख़िताब सुना और उन्हें फ़िरऔन के पास पैग़म्बर बनाकर भेजने का हुक्म मिला, तो उन्होंने अदब के साथ अपने रब की बारगाह में ये इल्तिजा पेश की: "ऐ मेरे पालनहार! मुझे डर है कि फ़िरऔन और उसकी क़ौम मुझे झुठला देगी।"

ये डर उनके ईमान की कमज़ोरी की वजह से नहीं था, बल्कि ये एक नबी की फ़ितरत थी कि वे अपनी दौ'अत की कामयाबी के लिए अल्लाह से मदद माँगते थे। उन्हें अंदेशा था कि कहीं ऐसा न हो कि लोग उन्हें झुठलाएँ और उनका पैग़ाम क़बूल न करें, जिससे अल्लाह का दीन कमज़ोर पड़ जाए।

इसके अलावा, हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के ज़ेहन में ये बात भी थी कि उनके भाई हारून (अलैहिस्सलाम) ज़्यादा फ़सीह-उल-लिसान (खूबसूरत बोलने वाले) थे, और उन्हें ख़ुद अपनी ज़बान में हकलापन था (जो पहले की एक घटना की वजह से था)। इसलिए उन्होंने अल्लाह से दरख़्वास्त की कि वे उनके भाई हारून को उनका मददगार बनाएँ, ताकि दौ'अत का काम आसानी से अंजाम पा सके।

ये आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के नबी भी इंसान थे और उन्हें अपनी कमज़ोरियों का एहसास था, लेकिन उन्होंने हमेशा अल्लाह ही से मदद माँगी। ये हमारे लिए सबक़ है कि जब हम किसी नेक काम की शुरुआत करें, तो अल्लाह पर भरोसा रखें और उसी से तौफ़ीक़ की दुआ करें। अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) की ये दुआ क़बूल की और उन्हें हारून (अलैहिस्सलाम) की शक्ल में मददगार अता किया, और उनकी दौ'अत को कामयाबी दी। ये अल्लाह की रहमत है कि वो अपने नेक बंदों की दुआएँ ज़रूर सुनता है और उन्हें हर मुश्किल में राह दिखाता है।



📜 आयत 10-14 — अश-शुआरा

10وَإِذْ نَادَىٰ رَبُّكَ مُوسَىٰ أَنِ ائْتِ الْقَوْمَ الظَّالِمِينَ
(ऐ रसूल वह वक्त याद करो) जब तुम्हारे परवरदिगार ने मूसा को आवाज़ दी कि (इन) ज़ालिमों फिरऔन की क़ौम के पास जाओ (हिदायत करो)
11قَوْمَ فِرْعَوْنَ ۚ أَلَا يَتَّقُونَ
क्या ये लोग (मेरे ग़ज़ब से) डरते नहीं है
12قَالَ رَبِّ إِنِّي أَخَافُ أَن يُكَذِّبُونِ
मूसा ने अर्ज़ कि परवरदिगार मैं डरता हूँ कि (मुबादा) वह लोग मुझे झुठला दे
13وَيَضِيقُ صَدْرِي وَلَا يَنطَلِقُ لِسَانِي فَأَرْسِلْ إِلَىٰ هَارُونَ
और (उनके झुठलाने से) मेरा दम रुक जाए और मेरी ज़बान (अच्छी तरह) न चले तो हारुन के पास पैग़ाम भेज दे (कि मेरा साथ दे)
14وَلَهُمْ عَلَيَّ ذَنبٌ فَأَخَافُ أَن يَقْتُلُونِ
(और इसके अलावा) उनका मेरे सर एक जुर्म भी है (कि मैने एक शख्स को मार डाला था)
अश-शुआराकुरान सूची
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अनुवाद — अश-शुआरा 12

सूरा अश-शुआरा आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मूसा ने अर्ज़ कि परवरदिगार मैं डरता हूँ कि (मुबादा)…

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Tuesday, August 18, 2026

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