अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رَبِّ (रब्बी): मेरे पालनहार
- أَخَافُ (अख़ाफ़ु): मैं डरता हूँ
- يُكَذِّبُونِ (युकज़्ज़िबूनी): वे मुझे झुठलाएँगे
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने जब अल्लाह तआला से ख़िताब सुना और उन्हें फ़िरऔन के पास पैग़म्बर बनाकर भेजने का हुक्म मिला, तो उन्होंने अदब के साथ अपने रब की बारगाह में ये इल्तिजा पेश की: "ऐ मेरे पालनहार! मुझे डर है कि फ़िरऔन और उसकी क़ौम मुझे झुठला देगी।"
ये डर उनके ईमान की कमज़ोरी की वजह से नहीं था, बल्कि ये एक नबी की फ़ितरत थी कि वे अपनी दौ'अत की कामयाबी के लिए अल्लाह से मदद माँगते थे। उन्हें अंदेशा था कि कहीं ऐसा न हो कि लोग उन्हें झुठलाएँ और उनका पैग़ाम क़बूल न करें, जिससे अल्लाह का दीन कमज़ोर पड़ जाए।
इसके अलावा, हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के ज़ेहन में ये बात भी थी कि उनके भाई हारून (अलैहिस्सलाम) ज़्यादा फ़सीह-उल-लिसान (खूबसूरत बोलने वाले) थे, और उन्हें ख़ुद अपनी ज़बान में हकलापन था (जो पहले की एक घटना की वजह से था)। इसलिए उन्होंने अल्लाह से दरख़्वास्त की कि वे उनके भाई हारून को उनका मददगार बनाएँ, ताकि दौ'अत का काम आसानी से अंजाम पा सके।
ये आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के नबी भी इंसान थे और उन्हें अपनी कमज़ोरियों का एहसास था, लेकिन उन्होंने हमेशा अल्लाह ही से मदद माँगी। ये हमारे लिए सबक़ है कि जब हम किसी नेक काम की शुरुआत करें, तो अल्लाह पर भरोसा रखें और उसी से तौफ़ीक़ की दुआ करें। अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) की ये दुआ क़बूल की और उन्हें हारून (अलैहिस्सलाम) की शक्ल में मददगार अता किया, और उनकी दौ'अत को कामयाबी दी। ये अल्लाह की रहमत है कि वो अपने नेक बंदों की दुआएँ ज़रूर सुनता है और उन्हें हर मुश्किल में राह दिखाता है।
📜 आयत 10-14 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 12
सूरा अश-शुआरा आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मूसा ने अर्ज़ कि परवरदिगार मैं डरता हूँ कि (मुबादा)…सूरा आयत 12/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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