Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْعَزِيزُ (अल-अज़ीज़): वह शक्तिशाली जो सब पर ग़ालिब हो, जिसे कोई हरा न सके और जो अपने इरादे में कभी विफल न हो।
- الرَّحِيمُ (अर-रहीम): बहुत दयालु, जो अपने बंदों पर विशेष रहमत और करुणा करता है, खासकर मोमिनों पर।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! यह आयत उस क़ौम (आद) के हालात का नतीजा है, जिसने हज़रत हूद (अलैहिस्सलाम) की दावत को झुठलाया और अपनी सरकशी पर अड़े रहे। उन्होंने नसीहत नहीं मानी, हिदायत को क़बूल नहीं किया, और अपने नबी का मज़ाक उड़ाते रहे। आख़िरकार अल्लाह ने उन्हें एक बर्फ़ीली, ठंडी और तेज़ आंधी से हलाक कर दिया, जिसने उन्हें तबाह करके रख दिया। यह उनके लिए एक बड़ा सबक़ था, लेकिन उसके बाद भी अधिकतर लोग ईमान नहीं लाए।
इसके बाद अल्लाह तआला अपने नबी को तसल्ली देते हुए फ़रमाता है: "ऐ रसूल! तुम्हारा रब ही सच्चा अज़ीज़ है—वही सबसे बड़ी ताक़त रखता है, वही अपने दुश्मनों से बदला लेने पर पूरी तरह क़ादिर है। जब वह किसी ज़ालिम क़ौम को हलाक करने का इरादा करता है, तो कोई उसे रोक नहीं सकता। और वही रहीम है—अपने ईमानवाले बंदों पर बेहद मेहरबान है, उन्हें हलाकत से बचाता है, उनकी ग़लतियाँ माफ़ करता है और उन पर अपनी रहमत की बारिश करता है।"
यह आयत हमें दो बड़ी हक़ीक़तें सिखाती है: पहली, अल्लाह की क़ुदरत और अज़्ज़त का एहसास—कि वह हर चीज़ पर ग़ालिब है, उसके फ़ैसले के आगे किसी की चाल नहीं चलती। दूसरी, उसकी रहमत की उम्मीद—कि जो बंदा उसकी तरफ़ रुजू करे, तौबा करे, उस पर ईमान लाए, अल्लाह उसे अपनी रहमत से नवाज़ता है और उसे कभी निराश नहीं करता।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें अल्लाह की अज़्ज़त से नहीं डरना चाहिए बल्कि उसकी रहमत की तरफ़ दौड़ना चाहिए। जो लोग उसकी नाफ़रमानी करते हैं, वे उसके अज़ाब से नहीं बच सकते, और जो उसकी इबादत करते हैं, वे उसकी रहमत के हक़दार बनते हैं। यही वह प्यारा रिश्ता है—डर और उम्मीद के बीच—जो एक मोमिन को जिंदगी की हर मुश्किल में सहारा देता है।
📜 आयत 138-142 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 140
सूरा अश-शुआरा आयत 140 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और इसमें शक नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार यक़ीनन (सब पर)…सूरा आयत 140/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 138–142. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


