अश-शुआरा · 139/227
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शुआरा
فَكَذَّبُوهُ فَأَهْلَكْنَاهُمْ ۗ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَ ۝١٣٩
Fakazzaboohu fa ahlaknaahum; inna fee zaalika la aayah; wa maa kaana aksaruhum mu`mineen
📖 हिंदी अर्थ
ग़रज़ उन लोगों ने हूद को झुठला दिया तो हमने भी उनको हलाक कर डाला बेशक इस वाक़िये में यक़ीनी एक बड़ी इबरत है आर उनमें से बहुतेरे ईमान लाने वाले भी न थे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • فَكَذَّبُوهُ: उन्होंने उसे झुठलाया (अर्थात हज़रत हूद अलैहिस्सलाम को झुठलाया)
  • فَأَهْلَكْنَاهُمْ: तो हमने उन्हें विनष्ट कर दिया
  • لَآيَةً: निश्चित रूप से एक निशानी (सबक़ और सीख)
  • مُؤْمِنِينَ: ईमान लाने वाले

तफ़सीर:

जब हज़रत हूद अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम 'आद' को अल्लाह की इबादत की ओर बुलाया और उन्हें अज़ाब से डराया, तो उन्होंने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया और लगातार उन्हें झुठलाते रहे। उन्होंने अपनी सरकशी और ज़िद पर अड़े रहने का फैसला किया, हक़ को क़बूल नहीं किया। अतः अल्लाह ने उन्हें एक बर्फ़ीली, अत्यधिक ठंडी और तेज़ आँधी (हवा) के ज़रिए विनष्ट कर दिया, जिसने उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया। यह उनके कुफ़्र और नबी के झुठलाने की सज़ा थी।

इस विनाश में उन लोगों के लिए एक बड़ी निशानी और सबक़ है जो उनके बाद आए। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि अल्लाह अपने नबियों की मदद करता है और झुठलाने वालों को विनष्ट कर देता है। मगर अफ़सोस! उनमें से अधिकतर लोग ईमान लाने वाले नहीं थे, क्योंकि उनके दिलों पर मुहर लग चुकी थी और वे हक़ को क़बूल करने के लिए तैयार नहीं थे।

दावती पहलू:

यह आयत हमें एक बहुत बड़ा सबक़ सिखाती है कि अल्लाह का अज़ाब बहुत सख्त है, लेकिन उसकी रहमत भी बहुत व्यापक है। जो लोग नबियों की दावत को झुठलाते हैं और हक़ से मुँह मोड़ते हैं, वे अल्लाह के अज़ाब का शिकार होते हैं। लेकिन जो लोग ईमान लाते हैं और नेक अमल करते हैं, उनके लिए अल्लाह की रहमत और मग़फिरत है। यह आयत हमें दावत-ए-हक़ को क़बूल करने की तरग़ीब देती है और बताती है कि हमें अपने नबी ﷺ की सुन्नत पर चलना चाहिए, क्योंकि हक़ को क़बूल करने में ही हमारी भलाई है। अल्लाह उन लोगों को पसंद करता है जो ईमान लाते हैं और उसकी रहमत के हक़दार बनते हैं।



📜 आयत 137-141 — सूरा अश-शुआरा

137إِنْ هَٰذَا إِلَّا خُلُقُ الْأَوَّلِينَ
ये (डरावा) तो बस अगले लोगों की आदत है
138وَمَا نَحْنُ بِمُعَذَّبِينَ
हालाँकि हम पर अज़ाब (वग़ैरह अब) किया नहीं जाएगा
139فَكَذَّبُوهُ فَأَهْلَكْنَاهُمْ ۗ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَ
ग़रज़ उन लोगों ने हूद को झुठला दिया तो हमने भी उनको हलाक कर डाला बेशक इस वाक़िये में यक़ीनी एक बड़ी इबरत है आर उनमें से बहुतेरे ईमान लाने वाले भी न थे
140وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ الْعَزِيزُ الرَّحِيمُ
और इसमें शक नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार यक़ीनन (सब पर) ग़ालिब (और) बड़ा मेहरबान है
141كَذَّبَتْ ثَمُودُ الْمُرْسَلِينَ
(इसी तरह क़ौम) समूद ने पैग़म्बरों को झुठलाया
अश-शुआराकुरान सूची
227आयत
मक्कीअवतरण स्थान
139आयत

अनुवाद — अश-शुआरा 139

सूरा अश-शुआरा आयत 139 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज़ उन लोगों ने हूद को झुठला दिया तो हमने…

सूरा आयत 139/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 137–141. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Sunday, October 4, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए