अश-शुआरा · 160/227
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शुआरा
كَذَّبَتْ قَوْمُ لُوطٍ الْمُرْسَلِينَ ۝١٦٠
kazzabat qawmu Lootinil mursaleen
📖 हिंदी अर्थ
इसी तरह लूत की क़ौम ने पैग़म्बरों को झुठलाया

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • كَذَّبَتْ: झुठलाया, असत्य कहा
  • قَوْمُ لُوطٍ: क़ौमे-लूत (हज़रत लूत अलैहिस्सलाम की क़ौम)
  • الْمُرْسَلِينَ: रसूलों को (पैग़म्बरों को)

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला हज़रत लूत अलैहिस्सलाम की क़ौम का ज़िक्र करते हुए बताते हैं कि उन्होंने अपने नबी लूत अलैहिस्सलाम को झुठलाया। हालाँकि उन्होंने सिर्फ़ लूत अलैहिस्सलाम को ही झुठलाया था, लेकिन चूँकि सभी पैग़म्बरों का दीन एक ही है — तौहीद (अल्लाह की एकता) और अच्छे कामों की शिक्षा — इसलिए उन्होंने दरअसल सभी रसूलों को झुठलाया। जो व्यक्ति किसी एक नबी को नहीं मानता, वह अनिवार्य रूप से सभी नबियों की शिक्षा को अस्वीकार करता है, क्योंकि सभी नबी एक ही सत्य की ओर बुलाते हैं।

हज़रत लूत अलैहिस्सलाम की क़ौम ने न केवल उन्हें झुठलाया, बल्कि उनके खिलाफ़ साज़िशें भी कीं और उन्हें अपने शहर से निकालने की कोशिश की। यह क़ौम बुराई और अश्लीलता में इतनी आगे बढ़ गई थी कि उन्होंने उस घिनौने काम को अपना आदत बना लिया था जो दुनिया में उनसे पहले किसी ने नहीं किया था। उन्होंने अपने नबी की नसीहत को ठुकरा दिया और अपनी सरकशी पर अड़े रहे।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि नबियों की शिक्षा को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए। अल्लाह के रसूलों का पैग़ाम हमारे लिए रहमत और हिदायत है। हमें चाहिए कि हम अपने नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ की सुन्नत पर चलें और उनके लाए हुए दीन को क़ुबूल करें, क्योंकि यही सच्ची कामयाबी का रास्ता है। अल्लाह तआला ने हर ज़माने में अपने नबी भेजे ताकि इंसानों को अंधेरे से निकालकर रोशनी की तरफ लाएँ। जो लोग इन नबियों को झुठलाते हैं, वे अपना ही नुक़सान करते हैं, जैसा कि क़ौमे-लूत ने किया और अल्लाह का अज़ाब उन पर आया। हमें चाहिए कि हम अल्लाह के रसूलों की मुहब्बत करें, उनके बताए रास्ते पर चलें और उन लोगों के अंजाम से सबक़ लें जिन्होंने नबियों को झुठलाया। यही हमारी दुनिया और आख़िरत की भलाई है।



📜 आयत 158-162 — सूरा अश-शुआरा

158فَأَخَذَهُمُ الْعَذَابُ ۗ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَ
फिर उन्हें अज़ाब ने ले डाला-बेशक इसमें यक़ीनन एक बड़ी इबरत है और इनमें के बहुतेरे ईमान लाने वाले भी न थे
159وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ الْعَزِيزُ الرَّحِيمُ
और इसमें शक ही नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार (सब पर) ग़ालिब और मेहरबान है
160كَذَّبَتْ قَوْمُ لُوطٍ الْمُرْسَلِينَ
इसी तरह लूत की क़ौम ने पैग़म्बरों को झुठलाया
161إِذْ قَالَ لَهُمْ أَخُوهُمْ لُوطٌ أَلَا تَتَّقُونَ
जब उनके भाई लूत ने उनसे कहा कि तुम (ख़ुदा से) क्यों नहीं डरते
162إِنِّي لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌ
मै तो यक़ीनन तुम्हारा अमानतदार पैग़म्बर हूँ तो ख़ुदा से डरो
अश-शुआराकुरान सूची
227आयत
मक्कीअवतरण स्थान
160आयत

अनुवाद — अश-शुआरा 160

सूरा अश-शुआरा आयत 160 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसी तरह लूत की क़ौम ने पैग़म्बरों को झुठलाया

सूरा आयत 160/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 158–162. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Saturday, October 3, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए