Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- अख़ूहुम (उनका भाई) — यहाँ "भाई" से आशय नसब (ख़ानदानी रिश्ते) वाला भाई है, क्योंकि हज़रत लूत अलैहिस्सलाम उस क़ौम के ही ख़ानदान से थे, और वही उनके पैग़म्बर भी थे।
- अला तत्तक़ून — क्या तुम अल्लाह से नहीं डरते? अर्थात क्या तुम अल्लाह के अज़ाब से डरकर उसकी नाफ़रमानी से बाज़ नहीं आओगे?
तफ़सीर:
यह आयत हज़रत लूत अलैहिस्सलाम की दावत का ज़िक्र करती है, जब उन्होंने अपनी क़ौम से कहा: "क्या तुम अल्लाह से नहीं डरते?" यह एक ऐसा सवाल था जो उनकी क़ौम के ज़मीर को झकझोरने के लिए था। हज़रत लूत अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम को उस घिनौने काम से रोकने की कोशिश की जो उनसे पहले किसी ने नहीं किया था — वह था लोगों से नाजायज़ तरीक़े से मेल-जोल। उन्होंने अपनी क़ौम से कहा कि क्या तुम अल्लाह के अज़ाब से नहीं डरते? क्या तुम उस रब से नहीं शर्माते जिसने तुम्हें पैदा किया और तुम्हें तमाम नेअमतें दीं?
हज़रत लूत अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम को समझाया कि मैं तुम्हारे पास अल्लाह का भेजा हुआ रसूल हूँ, मैं तुम्हारी भलाई के लिए आया हूँ। मैं तुमसे कोई मेहनताना नहीं माँगता, मेरा अज्र तो बस अल्लाह के ज़िम्मे है। मैं तुम्हें उस रास्ते पर चलने की दावत देता हूँ जो तुम्हारे लिए बेहतर है — अल्लाह का डर और उसकी इबादत।
यह आयत हमें सिखाती है कि दावत का पहला क़दम तक़वा (अल्लाह का डर) पैदा करना है। जब इंसान के दिल में अल्लाह का डर होता है, तो वह गुनाहों से दूर रहता है और नेकी की तरफ़ रुजू करता है। हज़रत लूत अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम को नर्मी और मुहब्बत से समझाया, और यही हमारे लिए भी सबक़ है कि हम लोगों को अल्लाह की तरफ़ बुलाएँ, उन्हें अल्लाह के अज़ाब से डराएँ और उसकी रहमत की उम्मीद दिलाएँ।
आज भी हमें चाहिए कि हम अपने घर, अपने समाज और अपने मुल्क में अल्लाह का डर फैलाएँ। जब लोग अल्लाह से डरेंगे, तो समाज में अमन, मुहब्बत और बरकत आएगी। हज़रत लूत अलैहिस्सलाम की दावत हमें यही सिखाती है कि हम अपने आस-पास के लोगों को अच्छाई की तरफ़ बुलाएँ और बुराई से रोकें, और यह काम मुहब्बत और हिकमत से करें।
📜 आयत 159-163 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 161
सूरा अश-शुआरा आयत 161 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जब उनके भाई लूत ने उनसे कहा कि तुम (ख़ुदा…सूरा आयत 161/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 159–163. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


