Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَصْحَابُ الْأَيْكَةِ: वह लोग जो घने और सघन वृक्षों वाली भूमि (बाग़) में रहते थे। यह हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम की क़ौम थी।
- الْمُرْسَلِينَ: अल्लाह के भेजे हुए रसूल (पैग़म्बर)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि "अयकाह वालों" (घने दरख़्तों वाली भूमि के निवासियों) ने भी रसूलों को झुठलाया। उन्होंने अपने नबी हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम को झुठलाकर दरअसल सभी रसूलों को झुठलाया, क्योंकि सभी नबी एक ही सत्य (तौहीद) की शिक्षा देते हैं। जो एक नबी को झुठलाता है, वह गोया सभी नबियों को झुठलाता है।
यह क़ौम बड़ी समृद्ध और खूबसूरत वादी में रहती थी, जहाँ हरियाली और वृक्ष बहुतायत से थे। अल्लाह ने उन्हें यह नेमतें दी थीं, लेकिन उन्होंने शुक्र नहीं किया और शिर्क, धोखाधड़ी और नाप-तौल में कमी जैसे गुनाहों में मुब्तला हो गए। हज़रत शुऐब अलैहिस्सलाम ने उन्हें अल्लाह की इबादत और ईमान की दावत दी, लेकिन उन्होंने उसे झुठलाया और अंजाम में अल्लाह के अज़ाब का शिकार हुए।
दावती पहलू (नसीहत):
यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि अल्लाह की नेमतें और सुंदर जीवन हमें उसकी इबादत से ग़ाफ़िल नहीं करना चाहिए। जब अल्लाह किसी क़ौम को समृद्धि देता है, तो यह उसकी रहमत होती है, लेकिन अगर वे नाफ़रमानी करें, तो अल्लाह का अज़ाब आकर रहता है। हमें चाहिए कि हर हाल में अल्लाह का शुक्र अदा करें, उसके रसूलों की शिक्षाओं पर अमल करें और अपने जीवन को ईमान और अच्छे आचरण से सजाएँ। याद रखें, दुनिया की हर खूबसूरती और सुख-सुविधा फ़ानी है, लेकिन अल्लाह की रज़ा और जन्नत हमेशा रहने वाली है। आइए, हम उन लोगों की तरह न बनें जिन्होंने अल्लाह की नेमतें पाकर भी उसे भुला दिया, बल्कि हम शुक्रगुज़ार और नेक बंदे बनें।
📜 आयत 174-178 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 176
सूरा अश-शुआरा आयत 176 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसी तरह जंगल के रहने वालों ने (मेरे) पैग़म्बरों को…सूरा आयत 176/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 174–178. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


