Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अल-अज़ीज़ (العزيز): वह शक्तिशाली जो सब पर ग़ालिब हो, जिसे कोई हरा न सके, और जो अपने दुश्मनों से बदला लेने की पूरी क़ुदरत रखता हो।
- अर-रहीम (الرحيم): वह जो अपने बंदों पर बहुत दया करने वाला हो, ख़ासकर उन पर जो तौबा करके उसकी ओर लौट आएं।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! तुम यक़ीन रखो कि तुम्हारा रब ही सच्चा अज़ीज़ है—वह सबसे बड़ी ताक़त का मालिक है, उसकी पकड़ से कोई बच नहीं सकता। वह उन लोगों को ज़रूर सज़ा देगा जो उसके रसूलों को झुठलाते हैं और उसकी आयतों का इनकार करते हैं। मगर साथ ही वह रहीम भी है—अपने ईमानवाले बंदों पर बेहद मेहरबान है, और उन लोगों को माफ़ करने वाला है जो अपनी ग़लतियों से तौबा करके उसकी राह पर लौट आते हैं।
यह आयत मोमिनों के दिलों को सुकून देती है कि चाहे दुनिया में ज़ुल्म करने वाले कितने भी ताक़तवर क्यों न दिखें, अल्लाह की ताक़त सबसे ऊपर है। वह अपने नेक बंदों की मदद करेगा और उन्हें कामयाबी देगा। साथ ही यह डर भी दिलाती है कि अल्लाह की पकड़ से बचना नामुमकिन है, इसलिए हमें उसकी नाफ़रमानी से बचना चाहिए और उसकी रहमत की तरफ़ दौड़ना चाहिए।
याद रखो, अल्लाह की रहमत उसके अज़ाब से कहीं ज़्यादा वसीअ है। जो भी सच्चे दिल से उसकी ओर लौटता है, वह उसे गले लगा लेता है। यही हमारे रब की शान है—वह जब चाहे सज़ा दे, और जब चाहे रहमत की बारिश कर दे। हमें चाहिए कि हम उसकी रहमत के भूखे रहें और उसके अज़ाब से डरते रहें, क्योंकि यही दोनों चीज़ें हमें सीधी राह पर चलाती हैं।
📜 आयत 173-177 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 175
सूरा अश-शुआरा आयत 175 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और इसमे तो शक ही नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार यक़ीनन…सूरा आयत 175/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 173–177. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


