अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَفَرَرْتُ – मैं भाग गया
- لَمَّا خِفْتُكُمْ – जब मुझे तुमसे डर लगा
- فَوَهَبَ لِي – तो मेरे रब ने मुझे प्रदान किया
- حُكْمًا – नबुव्वत (पैग़म्बरी) और ज्ञान
- مِنَ الْمُرْسَلِينَ – रसूलों (संदेशवाहकों) में से
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फ़िरऔन के सामने अपनी बात रखते हुए उसे याद दिलाया कि उन्होंने जो क़त्ल किया था, वह जानबूझकर नहीं था, बल्कि एक अनजाने में हुई घटना थी। वे कहते हैं: "मैं उस समय तुमसे इसलिए भाग गया था क्योंकि मुझे डर था कि तुम मुझे उस घटना की सज़ा में क़त्ल कर दोगे। यह घटना उस समय की है जब अल्लाह ने मुझे अभी तक नबुव्वत नहीं दी थी और न ही मुझे रसूल बनाकर भेजा था। मैं मद्यन (मदियन) की ओर भागा, वहाँ जाकर मैंने कुछ समय बिताया।"
फिर उन्होंने आगे कहा: "उसके बाद मेरे रब ने अपनी असीम कृपा और दया से मुझे नबुव्वत और ज्ञान प्रदान किया, और मुझे अपने रसूलों में से बना दिया। यह उसकी महान देन है जो उसने मुझे दी, बिना किसी मेरी योग्यता के, बल्कि अपने फज़ल (कृपा) से।"
इसके बाद हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फ़िरऔन को उसकी नेमतों की याद दिलाते हुए कहा: "तुम मुझ पर यह एहसान जताते हो कि तुमने मुझे बचपन में पाला-पोसा, लेकिन यह तुम्हारा एहसान नहीं है, क्योंकि तुमने बनी इसराईल को ग़ुलाम बना रखा था, उनके बेटों को ज़िब्ह करते थे और उनकी औरतों को ज़िंदा रखते थे। यह तुम्हारी ज़ुल्म की निशानी है, न कि कोई एहसान।"
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि जब इंसान अल्लाह पर भरोसा करता है और उसकी राह में निकलता है, तो अल्लाह उसे कभी अकेला नहीं छोड़ता। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) एक अकेले इंसान थे, जो डर के मारे अपनी क़ौम छोड़कर भागे थे, लेकिन अल्लाह ने उन्हें नबुव्वत जैसी बड़ी नेमत दी। यह हमारे लिए सबक़ है कि मुश्किलों में अल्लाह से उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। अल्लाह जब चाहता है, किसी को ऊँचा उठा देता है। इसलिए हमें हमेशा अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए और उसकी राह में सब्र करना चाहिए। यह भी सिखाता है कि सच्चाई और इंसाफ़ के लिए खड़ा होना चाहिए, चाहे सामने कितना भी बड़ा ज़ालिम क्यों न हो। अल्लाह अपने नेक बंदों की मदद ज़रूर करता है।
📜 आयत 19-23 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 21
सूरा अश-शुआरा आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर जब मै आप लोगों से डरा तो भाग खड़ा…सूरा आयत 21/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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