अश-शुआरा · 38/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
فَجُمِعَ السَّحَرَةُ لِمِيقَاتِ يَوْمٍ مَّعْلُومٍ ۝٣٨
Fa jumi`as saharatu limeeqaati Yawmim ma`loom
📖 हिंदी अर्थ
ग़रज़ वक्ते मुकर्रर हुआ सब जादूगर उस मुक़र्रर के वायदे पर जमा किए गए
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَجُمِعَ: एकत्र किए गए।
  • السَّحَرَةُ: जादूगर।
  • لِمِيقَاتِ: निर्धारित समय के लिए।
  • يَوْمٍ مَّعْلُومٍ: एक ज्ञात (मालूम) दिन।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) और फ़िरऔन के बीच मुक़ाबले का वादा हुआ, तो फ़िरऔन ने अपने साम्राज्य के सभी बड़े और माहिर जादूगरों को इकट्ठा किया। उनके लिए एक निश्चित दिन और समय तय किया गया — वह दिन उनका त्योहार था, जिसे "यौमुज़ ज़ीनत" (सजावट और शोभा का दिन) कहा जाता था। यह उनका वार्षिक उत्सव था, जिसमें वे सज-धज कर इकट्ठा होते थे। इस दिन को इसलिए चुना गया ताकि अधिक से अधिक लोग इस मुक़ाबले को देख सकें, और फ़िरऔन की चाहत थी कि जादूगरों की जीत से मूसा (अलैहिस्सलाम) का मुक़ाबला कमज़ोर पड़ जाए और उनका प्रभाव लोगों पर बना रहे।

यहाँ अल्लाह तआला हमें बताते हैं कि फ़िरऔन ने अपनी ताकत और योजना के बल पर यह सब किया, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि अल्लाह का फैसला उसकी सारी योजनाओं से ऊपर है। यह दृश्य हमें सिखाता है कि इंसान चाहे कितनी भी तैयारी कर ले, अल्लाह की मर्ज़ी के आगे उसकी सारी तदबीरें बेकार हो जाती हैं। इस घटना में हमारे लिए सबक़ है कि हमें हर मामले में अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि सच्चाई की मदद अल्लाह खुद करता है, चाहे बाहरी हालात कितने भी विपरीत क्यों न हों।

यह क़िस्सा हमें यह भी बताता है कि हक़ (सच्चाई) और बातिल (झूठ) का मुक़ाबला हमेशा होता रहा है, लेकिन अंजाम हमेशा हक़ के पक्ष में होता है। जब हम सच्चाई पर डटे रहते हैं और अल्लाह पर भरोसा करते हैं, तो वह हमें ऐसे रास्ते दिखाता है जिनका हमने सोचा भी नहीं होता। यही वह प्यारा वादा है जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों से किया है — कि वह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता।

🎧 सुनें

📜 आयत 36-40 — अश-शुआरा

36قَالُوا أَرْجِهْ وَأَخَاهُ وَابْعَثْ فِي الْمَدَائِنِ حَاشِرِينَ
दरबारियों ने कहा अभी इसको और इसके भाई को (चन्द) मोहलत दीजिए
37يَأْتُوكَ بِكُلِّ سَحَّارٍ عَلِيمٍ
और तमाम शहरों में जादूगरों के जमा करने को हरकारे रवाना कीजिए कि वह लोग तमाम बड़े बड़े खिलाड़ी जादूगरों की आपके सामने ला हाज़िर करें
38فَجُمِعَ السَّحَرَةُ لِمِيقَاتِ يَوْمٍ مَّعْلُومٍ
ग़रज़ वक्ते मुकर्रर हुआ सब जादूगर उस मुक़र्रर के वायदे पर जमा किए गए
39وَقِيلَ لِلنَّاسِ هَلْ أَنتُم مُّجْتَمِعُونَ
और लोगों में मुनादी करा दी गयी कि तुम लोग अब भी जमा होगे
40لَعَلَّنَا نَتَّبِعُ السَّحَرَةَ إِن كَانُوا هُمُ الْغَالِبِينَ
या नहीं ताकि अगर जादूगर ग़ालिब और वर है तो हम लोग उनकी पैरवी करें
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अनुवाद — अश-शुआरा 38

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Tuesday, August 18, 2026

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