अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَجُمِعَ: एकत्र किए गए।
- السَّحَرَةُ: जादूगर।
- لِمِيقَاتِ: निर्धारित समय के लिए।
- يَوْمٍ مَّعْلُومٍ: एक ज्ञात (मालूम) दिन।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) और फ़िरऔन के बीच मुक़ाबले का वादा हुआ, तो फ़िरऔन ने अपने साम्राज्य के सभी बड़े और माहिर जादूगरों को इकट्ठा किया। उनके लिए एक निश्चित दिन और समय तय किया गया — वह दिन उनका त्योहार था, जिसे "यौमुज़ ज़ीनत" (सजावट और शोभा का दिन) कहा जाता था। यह उनका वार्षिक उत्सव था, जिसमें वे सज-धज कर इकट्ठा होते थे। इस दिन को इसलिए चुना गया ताकि अधिक से अधिक लोग इस मुक़ाबले को देख सकें, और फ़िरऔन की चाहत थी कि जादूगरों की जीत से मूसा (अलैहिस्सलाम) का मुक़ाबला कमज़ोर पड़ जाए और उनका प्रभाव लोगों पर बना रहे।
यहाँ अल्लाह तआला हमें बताते हैं कि फ़िरऔन ने अपनी ताकत और योजना के बल पर यह सब किया, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि अल्लाह का फैसला उसकी सारी योजनाओं से ऊपर है। यह दृश्य हमें सिखाता है कि इंसान चाहे कितनी भी तैयारी कर ले, अल्लाह की मर्ज़ी के आगे उसकी सारी तदबीरें बेकार हो जाती हैं। इस घटना में हमारे लिए सबक़ है कि हमें हर मामले में अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि सच्चाई की मदद अल्लाह खुद करता है, चाहे बाहरी हालात कितने भी विपरीत क्यों न हों।
यह क़िस्सा हमें यह भी बताता है कि हक़ (सच्चाई) और बातिल (झूठ) का मुक़ाबला हमेशा होता रहा है, लेकिन अंजाम हमेशा हक़ के पक्ष में होता है। जब हम सच्चाई पर डटे रहते हैं और अल्लाह पर भरोसा करते हैं, तो वह हमें ऐसे रास्ते दिखाता है जिनका हमने सोचा भी नहीं होता। यही वह प्यारा वादा है जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों से किया है — कि वह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता।
📜 आयत 36-40 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 38
सूरा अश-शुआरा आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज़ वक्ते मुकर्रर हुआ सब जादूगर उस मुक़र्रर के वायदे…सूरा आयत 38/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 36–40. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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