अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- رَبِّ مُوسَىٰ وَهَارُونَ: मूसा और हारून (अलैहिमुस्सलाम) का रब।
तफ़सीर:
जब जादूगरों ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) का चमत्कार देखा, तो उन्होंने अपनी आँखों से सत्य को प्रत्यक्ष कर लिया। उन्होंने महसूस किया कि यह कोई जादू नहीं, बल्कि अल्लाह की ओर से एक स्पष्ट निशानी है। उनके दिलों में ईमान की रोशनी उतर गई, और वे तुरंत सजदे में गिर पड़े। उन्होंने कहा: "हम ईमान लाए रब्बुल आलमीन पर, जो मूसा और हारून का रब है।"
यह घटना बताती है कि जब सत्य स्पष्ट हो जाए, तो सच्चे दिल वाले उसे स्वीकार करने में देर नहीं करते। ये जादूगर सुबह जादू के धंधे में लगे थे, लेकिन शाम होते-होते वे अल्लाह के वली और शहीद बन गए। उन्होंने फ़िरऔन के डर और अपनी दुनियावी स्थिति को ठुकरा दिया, क्योंकि उन्हें यक़ीन हो गया था कि यही सच्चा रास्ता है।
इस आयत से हमें सीख मिलती है कि सच्चाई को कबूल करने में देरी नहीं करनी चाहिए। चाहे हम कितनी भी गलतियाँ कर चुके हों, जब सत्य सामने आ जाए, तो उसे अपनाना ही बुद्धिमानी है। अल्लाह की रहमत असीम है, और वह अपने बंदों को माफ़ करने के लिए हमेशा तैयार है। जो लोग सच्चे दिल से ईमान लाते हैं, अल्लाह उनके पिछले गुनाहों को माफ़ कर देता है और उन्हें इज़्ज़त देता है।
यह भी याद रखने की बात है कि इंसान को अपने अमल, अपने कहने और अपने हाल पर नाज़ नहीं करना चाहिए, क्योंकि सच्ची कामयाबी सिर्फ़ अल्लाह की तरफ़ से आती है। जो लोग अपने आप को सबसे बड़ा समझते हैं, वे सबसे ज़्यादा नुक़सान में रहते हैं। हमें चाहिए कि हम हमेशा अल्लाह की तरफ़ रुजू करें और उसकी रहमत से उम्मीद रखें।
📜 आयत 46-50 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 48
सूरा अश-शुआरा आयत 48 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो मूसा और हारुन का परवरदिगार हैसूरा आयत 48/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 46–50. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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