अश-शुआरा · 48/227
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शुआरा
رَبِّ مُوسَىٰ وَهَارُونَ ۝٤٨
Rabbi Moosaa wa Haaroon
📖 हिंदी अर्थ
जो मूसा और हारुन का परवरदिगार है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • رَبِّ مُوسَىٰ وَهَارُونَ: मूसा और हारून (अलैहिमुस्सलाम) का रब।

तफ़सीर:

जब जादूगरों ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) का चमत्कार देखा, तो उन्होंने अपनी आँखों से सत्य को प्रत्यक्ष कर लिया। उन्होंने महसूस किया कि यह कोई जादू नहीं, बल्कि अल्लाह की ओर से एक स्पष्ट निशानी है। उनके दिलों में ईमान की रोशनी उतर गई, और वे तुरंत सजदे में गिर पड़े। उन्होंने कहा: "हम ईमान लाए रब्बुल आलमीन पर, जो मूसा और हारून का रब है।"

यह घटना बताती है कि जब सत्य स्पष्ट हो जाए, तो सच्चे दिल वाले उसे स्वीकार करने में देर नहीं करते। ये जादूगर सुबह जादू के धंधे में लगे थे, लेकिन शाम होते-होते वे अल्लाह के वली और शहीद बन गए। उन्होंने फ़िरऔन के डर और अपनी दुनियावी स्थिति को ठुकरा दिया, क्योंकि उन्हें यक़ीन हो गया था कि यही सच्चा रास्ता है।

इस आयत से हमें सीख मिलती है कि सच्चाई को कबूल करने में देरी नहीं करनी चाहिए। चाहे हम कितनी भी गलतियाँ कर चुके हों, जब सत्य सामने आ जाए, तो उसे अपनाना ही बुद्धिमानी है। अल्लाह की रहमत असीम है, और वह अपने बंदों को माफ़ करने के लिए हमेशा तैयार है। जो लोग सच्चे दिल से ईमान लाते हैं, अल्लाह उनके पिछले गुनाहों को माफ़ कर देता है और उन्हें इज़्ज़त देता है।

यह भी याद रखने की बात है कि इंसान को अपने अमल, अपने कहने और अपने हाल पर नाज़ नहीं करना चाहिए, क्योंकि सच्ची कामयाबी सिर्फ़ अल्लाह की तरफ़ से आती है। जो लोग अपने आप को सबसे बड़ा समझते हैं, वे सबसे ज़्यादा नुक़सान में रहते हैं। हमें चाहिए कि हम हमेशा अल्लाह की तरफ़ रुजू करें और उसकी रहमत से उम्मीद रखें।



📜 आयत 46-50 — सूरा अश-शुआरा

46فَأُلْقِيَ السَّحَرَةُ سَاجِدِينَ
ये देखते ही जादूगर लोग सजदे में (मूसा के सामने) गिर पडे
47قَالُوا آمَنَّا بِرَبِّ الْعَالَمِينَ
और कहने लगे हम सारे जहाँ के परवरदिगार पर ईमान लाए
48رَبِّ مُوسَىٰ وَهَارُونَ
जो मूसा और हारुन का परवरदिगार है
49قَالَ آمَنتُمْ لَهُ قَبْلَ أَنْ آذَنَ لَكُمْ ۖ إِنَّهُ لَكَبِيرُكُمُ الَّذِي عَلَّمَكُمُ السِّحْرَ فَلَسَوْفَ تَعْلَمُونَ ۚ لَأُقَطِّعَنَّ أَيْدِيَكُمْ وَأَرْجُلَكُم مِّنْ خِلَافٍ وَلَأُصَلِّبَنَّكُمْ أَجْمَعِينَ
फिरऔन ने कहा (हाए) क़ब्ल इसके कि मै तुम्हें इजाज़त दूँ तुम इस पर ईमान ले आए बेशक ये तुम्हारा बड़ा (गुरु है जिसने तुम सबको जादू सिखाया है तो ख़ैर) अभी तुम लोगों को (इसका नतीजा) मालूम हो जाएगा कि हम यक़ीनन तुम्हारे एक तरफ के हाथ और दूसरी तरफ के पाँव काट डालेगें और तुम सब के सब को सूली देगें
50قَالُوا لَا ضَيْرَ ۖ إِنَّا إِلَىٰ رَبِّنَا مُنقَلِبُونَ
वह बोले कुछ परवाह नही हमको तो बहरहाल अपने परवरदिगार की तरफ लौट कर जाना है
अश-शुआराकुरान सूची
227आयत
मक्कीअवतरण स्थान
48आयत

अनुवाद — अश-शुआरा 48

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Friday, October 2, 2026

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