Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَقَاسَمُوا: आपस में एक-दूसरे से क़समें खाईं।
- لَنُبَيِّتَنَّهُ: हम रात में अचानक उस पर हमला करके उसे मार डालेंगे।
- مَهْلِكَ أَهْلِهِ: उसके परिवार/अनुयायियों का विनाश।
- وَلِيِّهِ: उसके वारिस/ख़ून का बदला लेने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
ये आयत उन नौ धूर्त लोगों की साज़िश का खुलासा करती है जिन्होंने अल्लाह के नबी सालेह (अलैहिस्सलाम) को रास्ते से हटाने की घिनौनी योजना बनाई थी। उन्होंने आपस में क़समें खाईं कि रात के अंधेरे में वे नबी सालेह और उनके साथी ईमानवालों पर अचानक हमला करेंगे और उन्हें ख़त्म कर देंगे। फिर वे यह भी तय कर चुके थे कि जब कोई पूछेगा कि यह किसने किया, तो वे साफ़ मना कर देंगे और कहेंगे: "हम तो वहाँ मौजूद ही नहीं थे, हमें कुछ पता ही नहीं।" वे झूठी क़समें खाकर अपनी बेगुनाही जताना चाहते थे, ताकि कोई उन पर शक न कर सके।
यह साज़िश उनके दिलों की गहरी बीमारी को दिखाती है — वे सच्चाई के दुश्मन थे और अल्लाह के नबी को ख़त्म करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थे। उन्होंने सोचा कि रात का अंधेरा उनके काले इरादों को छिपा लेगा, और झूठी क़समें उन्हें बचा लेंगी। लेकिन वे भूल गए कि अल्लाह तआला हर चीज़ का गवाह है, और उसकी नज़रों से कोई चीज़ छिपी नहीं है। उनकी यह चाल उनके लिए और अधिक विनाश का कारण बनी, क्योंकि अल्लाह ने उनकी साज़िश को नाकाम कर दिया और उन्हें उनके किए की सज़ा दी।
इस आयत से हमें सबक मिलता है कि बुराई की योजनाएँ चाहे कितनी भी गुप्त और पुख्ता क्यों न हों, अल्लाह की पकड़ से बच नहीं सकतीं। ईमानवालों को चाहिए कि वे हमेशा सच्चाई पर डटे रहें और अल्लाह पर भरोसा रखें, क्योंकि अल्लाह अपने नबियों और नेक बंदों की मदद करता है। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि झूठी क़समें और धोखा कभी कामयाब नहीं होते — सच्चाई और सच्चे लोगों की हमेशा जीत होती है। अल्लाह तआला हमें बुराई की साज़िशों से बचाए और हमें सच्चाई पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 47-51 — सूरा अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 49
सूरा अन-नमल आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि हम लोग सालेह और उसके लड़के बालो पर शब…सूरा आयत 49/93 — सूरा अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नमल सुनें, सूरा अन-नमल अनुवाद, सूरा अन-नमल mp3, सूरा अन-नमल pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


