Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- रहत (رهط): दस से कम आदमियों के समूह को कहते हैं, जिसमें कोई स्त्री न हो।
- युफ्सिदून (يُفْسِدُونَ): उपद्रव और बिगाड़ फैलाना।
- ला युस्लिहून (لَا يُصْلِحُونَ): वे सुधार का कोई काम नहीं करते।
तफसीर:
यह आयत हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम की क़ौम 'समूद' के उस शहर 'अल-हिज्र' (जो वर्तमान में उत्तर-पश्चिम अरब में स्थित है) के बारे में है, जहाँ नौ सरगना लोग रहते थे। ये नौ लोग पूरे इलाके में फ़साद फैलाने वाले थे—वे कुफ़्र, शिर्क और गुनाहों के द्वारा ज़मीन पर बिगाड़ पैदा करते थे, और उनके कामों में भलाई और सुधार का कोई पहलू नहीं था। वे न केवल ख़ुद गुमराह थे, बल्कि दूसरों को भी गुमराह करते थे। यही वे नौ लोग थे जिन्होंने आपस में साज़िश करके उस मु'जिज़ाती ऊँटनी (नाक़ा) को काटने का षड्यंत्र रचा था, जो अल्लाह की तरफ से उनकी सच्चाई की निशानी के रूप में भेजी गई थी।
इन लोगों की हालत यह थी कि वे ज़मीन पर फ़साद फैलाते थे और सुधार के किसी काम में हाथ नहीं डालते थे। उनका जीवन पूरी तरह से अल्लाह की नाफ़रमानी और उसके नबी की मुख़ालफ़त पर आधारित था। उन्होंने हक़ को नकारा, नबी का मज़ाक उड़ाया और आख़िरकार अल्लाह की निशानी को नष्ट करने का गुनाह किया।
इस आयत से हमें सीख मिलती है कि जब किसी समाज में कुछ लोग लगातार फ़साद फैलाते रहें और सुधार से मुँह मोड़ें, तो अल्लाह की यातना उन पर आकर रहती है। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपनी ज़िंदगी में हमेशा इस्लाह (सुधार) को अपनाएँ, अच्छाई का रास्ता चुनें और किसी भी प्रकार के फ़साद से बचें। अल्लाह तआला ने हमें अक़्ल और समझ दी है ताकि हम सही और ग़लत में फ़र्क कर सकें। हमें चाहिए कि हम अपने समाज में भलाई फैलाने वाले बनें, न कि बिगाड़ पैदा करने वाले। याद रखें, अल्लाह की नज़र उन लोगों पर होती है जो सुधार और भलाई के काम करते हैं, और वह फ़साद फैलाने वालों को कभी पसंद नहीं करता।
📜 आयत 46-50 — सूरा अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 48
सूरा अन-नमल आयत 48 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और शहर में नौ आदमी थे जो मुल्क के बानीये…सूरा आयत 48/93 — सूरा अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नमल सुनें, सूरा अन-नमल अनुवाद, सूरा अन-नमल mp3, सूरा अन-नमल pdf. आयत 46–50. हिंदी अर्थ: اردو.
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Thursday, October 1, 2026
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