अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- अमतरना – हमने बरसाया
- मतरन – वर्षा (यहाँ आज़ाब की वर्षा)
- फ़साअ – बहुत बुरा है
- मुंज़रीन – वे लोग जिन्हें डराया गया था (चेतावनी दी गई थी)
तफ़सीर:
जब हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) की क़ौम ने हद से गुज़रकर अश्लील कर्मों को जारी रखा और अपने नबी की चेतावनी को झुठला दिया, तो अल्लाह तआला का अज़ाब उन पर नाज़िल हुआ। अल्लाह ने उन पर आसमान से पत्थरों की बारिश बरसाई — ये मिट्टी के पके हुए पत्थर (सिज्जील) थे जो उन्हें हर तरफ से घेरकर तबाह करने के लिए भेजे गए। यह वर्षा उनके लिए अत्यंत बुरी साबित हुई, क्योंकि यह रहमत की बारिश नहीं थी, बल्कि अज़ाब और तबाही का ज़रिया बनी।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सीख देती है कि अल्लाह की चेतावनी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। जिन लोगों को नबियों के ज़रिए आगाह किया गया और उन्होंने फिर भी अपनी सरकशी और गुनाह पर अड़े रहे, उनका अंजाम क्या हुआ — यह इतिहास का गवाह है। आज भी अल्लाह हमें क़ुरआन के ज़रिए आगाह कर रहा है कि उसकी नाफ़रमानी से बचें। यह हमारे लिए रहमत है कि हमें मौका मिला है कि हम तौबा कर लें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक ढाल लें।
अल्लाह तआला की रहमत का तक़ाज़ा है कि वह गुनाहगारों को फौरन पकड़ नहीं लेता, बल्कि उन्हें मौका देता है। लेकिन जब अज़ाब आ जाता है, तो कोई उसे टाल नहीं सकता। हमें चाहिए कि हम अपने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सुन्नत पर चलें, क़ुरआन की हिदायात पर अमल करें और उन बुराइयों से दूर रहें जो अल्लाह के ग़ज़ब का सबब बनती हैं। यही हमारी कामयाबी और नजात की राह है।
📜 आयत 56-60 — अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 58
सूरा अन-नमल आयत 58 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (फिर तो) हमने उन लोगों पर (पत्थर का) मेंह…सूरा आयत 58/93 — अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नमल सुनें, अन-नमल अनुवाद, अन-नमल mp3, अन-नमल pdf. आयत 56–60. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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