अन-नमल · 57/93
अनुवाद उच्चारण — अन-नमल
فَأَنجَيْنَاهُ وَأَهْلَهُ إِلَّا امْرَأَتَهُ قَدَّرْنَاهَا مِنَ الْغَابِرِينَ ۝٥٧
Fa anjainaahu wa ahlahooo illam ra atahoo qaddarnaahaa minal ghaabireen
📖 हिंदी अर्थ
ग़रज हमने लूत को और उनके ख़ानदान को बचा लिया मगर उनकी बीवी कि हमने उसकी तक़दीर में पीछे रह जाने वालों में लिख दिया था

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَأَنجَيْنَاهُ: हमने उन्हें (लूत अलैहिस्सलाम को) बचा लिया।
  • وَأَهْلَهُ: और उनके घर वालों को।
  • إِلَّا امْرَأَتَهُ: सिवाय उनकी पत्नी के।
  • قَدَّرْنَاهَا: हमने उसके लिए (अज़ाब में रहने का) फ़ैसला लिख दिया।
  • مِنَ الْغَابِرِينَ: बाक़ी रह जाने वालों में से (यानी अज़ाब में पीछे रह जाने वालों में से)।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने अपने नबी लूत अलैहिस्सलाम पर बड़ा फज़ल व करम किया और उन्हें उस भयानक अज़ाब से नजात दी जो उनकी क़ौम पर नाज़िल होने वाला था। अल्लाह ने हज़रत लूत को और उनके ईमानदार घर वालों को उस तबाही से बचा लिया, लेकिन उनकी पत्नी को इस रहमत से महरूम रखा। वह अपने शौहर के साथ ईमान नहीं लाई थी, बल्कि अपनी क़ौम के बुरे कामों की हिमायत करती थी और उनके कुकर्मों से ख़ुश रहती थी। इसलिए अल्लाह ने उसके हक़ में यह फ़ैसला लिख दिया कि वह अज़ाब में पीछे रह जाने वालों में से होगी और उन्हीं के साथ हलाक होगी।

यह अल्लाह का क़ानून है कि नजात सिर्फ़ ईमान और नेक अमल से मिलती है, किसी नबी से रिश्तेदारी से नहीं। हज़रत नूह अलैहिस्सलाम का बेटा और हज़रत लूत अलैहिस्सलाम की बीवी — दोनों इस बात के गवाह हैं कि अल्लाह के पास सबसे प्यारा वही है जो उसकी इताअत करे। यह हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि हम अपने ईमान को मज़बूत करें और अल्लाह की नाफ़रमानी से बचें, क्योंकि आख़िरत में कामयाबी सिर्फ़ तक़वा से मिलेगी।

अल्लाह तआला का यह इंतज़ाम बड़ी हिकमत वाला था — वह चाहता था कि लूत की क़ौम पर अज़ाब आए और उसकी पत्नी भी उसी अज़ाब में शामिल हो, ताकि अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) पूरी हो कि जो लोग नबी की रिसालत को झुठलाएं और गुनाहों पर अड़े रहें, उनके लिए अज़ाब ही मुक़द्दर है। यह हमारे लिए सबक़ है कि हम अपने घर वालों को भी नेकी की तरफ़ बुलाएं और उन्हें अल्लाह के अज़ाब से डराएं, क्योंकि क़यामत के दिन कोई किसी को नहीं बचा सकेगा — हर शख्स अपने अमल का ज़िम्मेदार होगा।



📜 आयत 55-59 — अन-नमल

55أَئِنَّكُمْ لَتَأْتُونَ الرِّجَالَ شَهْوَةً مِّن دُونِ النِّسَاءِ ۚ بَلْ أَنتُمْ قَوْمٌ تَجْهَلُونَ
क्या तुम औरतों को छोड़कर शहवत से मर्दों के आते हो (ये तुम अच्छा नहीं करते) बल्कि तुम लोग बड़ी जाहिल क़ौम हो तो लूत की क़ौम का इसके सिवा कुछ जवाब न था
56۞ فَمَا كَانَ جَوَابَ قَوْمِهِ إِلَّا أَن قَالُوا أَخْرِجُوا آلَ لُوطٍ مِّن قَرْيَتِكُمْ ۖ إِنَّهُمْ أُنَاسٌ يَتَطَهَّرُونَ
कि वह लोग बोल उठे कि लूत के खानदान को अपनी बस्ती (सदूम) से निकाल बाहर करो ये लोग बड़े पाक साफ बनना चाहते हैं
57فَأَنجَيْنَاهُ وَأَهْلَهُ إِلَّا امْرَأَتَهُ قَدَّرْنَاهَا مِنَ الْغَابِرِينَ
ग़रज हमने लूत को और उनके ख़ानदान को बचा लिया मगर उनकी बीवी कि हमने उसकी तक़दीर में पीछे रह जाने वालों में लिख दिया था
58وَأَمْطَرْنَا عَلَيْهِم مَّطَرًا ۖ فَسَاءَ مَطَرُ الْمُنذَرِينَ
और (फिर तो) हमने उन लोगों पर (पत्थर का) मेंह बरसाया तो जो लोग डराए जा चुके थे उन पर क्या बुरा मेंह बरसा
59قُلِ الْحَمْدُ لِلَّهِ وَسَلَامٌ عَلَىٰ عِبَادِهِ الَّذِينَ اصْطَفَىٰ ۗ آللَّهُ خَيْرٌ أَمَّا يُشْرِكُونَ
(ऐ रसूल) तुम कह दो (उनके हलाक़ होने पर) खुदा का शुक्र और उसके बरगुज़ीदा बन्दों पर सलाम भला ख़ुदा बेहतर है या वह चीज़ जिसे ये लोग शरीके ख़ुदा कहते हैं
अन-नमलकुरान सूची
93आयत
मक्कीRevelation
57आयत

अनुवाद — अन-नमल 57

सूरा अन-नमल आयत 57 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज हमने लूत को और उनके ख़ानदान को बचा लिया…

सूरा आयत 57/93 — अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नमल सुनें, अन-नमल अनुवाद, अन-नमल mp3, अन-नमल pdf. आयत 55–59. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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