अन-नमल · 74/93
अनुवाद उच्चारण — अन-नमल
وَإِنَّ رَبَّكَ لَيَعْلَمُ مَا تُكِنُّ صُدُورُهُمْ وَمَا يُعْلِنُونَ ۝٧٤
Wa inna Rabbaka la ya`lamu maa tukinnu sudooruhum wa maa yu`linoon
📖 हिंदी अर्थ
और इसमें तो शक नहीं जो बातें उनके दिलों में पोशीदा हैं और जो कुछ ये एलानिया करते हैं तुम्हारा परवरदिगार यक़ीनी जानता है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تُكِنُّ – छिपाना, दिल में रखना
  • صُدُورُهُمْ – उनके सीने (दिल)
  • يُعْلِنُونَ – प्रकट करना, ज़ाहिर करना

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! आपका रब उन सब बातों को भली-भाँति जानता है जो ये लोग अपने सीनों में छिपाते हैं, चाहे वह कुफ़्र हो, नफ़रत हो, ईर्ष्या हो या कोई और बुरा इरादा। और वह उन सब चीज़ों को भी जानता है जो ये लोग अपनी ज़ुबान से बोलते हैं या अपने आमाल से ज़ाहिर करते हैं। उसके इल्म से कोई चीज़ छिपी नहीं है—न छोटी, न बड़ी, न छिपी हुई, न खुली।

यह आयत हमें एक बहुत बड़ी हक़ीक़त की तरफ़ इशारा करती है कि अल्लाह तआला का इल्म हर चीज़ पर हावी है। वह हमारे दिलों के राज़ तक जानता है, उन बातों को भी जिन्हें हम किसी से नहीं कहते। यही चीज़ एक मोमिन के लिए सबसे बड़ी तसल्ली का ज़रिया है कि अगर दुनिया में कोई उसकी नीयत नहीं समझता, तो अल्लाह सब कुछ जानता है। और यही चीज़ गुनाहगार के लिए डर की वजह है कि वह चाहे जितना छिपाए, अल्लाह से कुछ छिपा नहीं है।

इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें अपने दिलों को पाक रखना चाहिए, क्योंकि अल्लाह हमारे दिलों के हाल से वाक़िफ़ है। हमारे अच्छे या बुरे इरादे, हमारी छिपी हुई नीयतें—सब अल्लाह के इल्म में हैं। और क़ियामत के दिन वह हर एक को उसके आमाल का पूरा-पूरा बदला देगा।

यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि हमें अपने अंदर अच्छी नीयतें पैदा करनी चाहिए और बुरे ख़यालात से अपने दिलों को बचाना चाहिए। अल्लाह तआला ने हमें यह बशारत दी है कि वह हमारी छिपी हुई नेकियों को भी जानता है और उनका अज्र ज़रूर देगा। कोई नेकी छोटी नहीं होती अगर वह ख़ालिस नीयत से की जाए।

तो ऐ मोमिन! अपने दिल को अल्लाह के ज़िक्र से आबाद रख, अपनी नीयत को ख़ालिस रख, और यक़ीन रख कि तेरा रब हर उस बात को जानता है जो तू छिपाता है और हर उस बात को जो तू ज़ाहिर करता है। वह तेरी मेहनत, तेरी दुआ और तेरी नेक कोशिशों को देख रहा है और तुझे उसका अज्र ज़रूर देगा।

🎧 सुनें

📜 आयत 72-76 — अन-नमल

72قُلْ عَسَىٰ أَن يَكُونَ رَدِفَ لَكُم بَعْضُ الَّذِي تَسْتَعْجِلُونَ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि जिस (अज़ाब) की तुम लोग जल्दी मचा रहे हो क्या अजब है इसमे से कुछ करीब आ गया हो
73وَإِنَّ رَبَّكَ لَذُو فَضْلٍ عَلَى النَّاسِ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَهُمْ لَا يَشْكُرُونَ
और इसमें तो शक ही नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार लोगों पर बड़ा फज़ल व करम करने वाला है मगर बहुतेरे लोग (उसका) शुक्र नहीं करते
74وَإِنَّ رَبَّكَ لَيَعْلَمُ مَا تُكِنُّ صُدُورُهُمْ وَمَا يُعْلِنُونَ
और इसमें तो शक नहीं जो बातें उनके दिलों में पोशीदा हैं और जो कुछ ये एलानिया करते हैं तुम्हारा परवरदिगार यक़ीनी जानता है
75وَمَا مِنْ غَائِبَةٍ فِي السَّمَاءِ وَالْأَرْضِ إِلَّا فِي كِتَابٍ مُّبِينٍ
और आसमान व ज़मीन में कोई ऐसी बात पोशीदा नहीं जो वाज़ेए व रौशन किताब (लौहे महफूज़) में (लिखी) मौजूद न हो
76إِنَّ هَٰذَا الْقُرْآنَ يَقُصُّ عَلَىٰ بَنِي إِسْرَائِيلَ أَكْثَرَ الَّذِي هُمْ فِيهِ يَخْتَلِفُونَ
इसमें भी शक नहीं कि ये क़ुरान बनी इसराइल पर उनकी अक्सर बातों को जिन में ये इख्तेलाफ़ करते हैं ज़ाहिर कर देता है
अन-नमलकुरान सूची
93आयत
मक्कीRevelation
74आयत

अनुवाद — अन-नमल 74

सूरा अन-नमल आयत 74 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और इसमें तो शक नहीं जो बातें उनके दिलों में…

सूरा आयत 74/93 — अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नमल सुनें, अन-नमल अनुवाद, अन-नमल mp3, अन-नमल pdf. आयत 72–76. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए