Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- ذُو فَضْلٍ: अत्यंत कृपा करने वाला, बड़ी भलाई करने वाला
- لَا يَشْكُرُونَ: कृतज्ञता नहीं जताते, शुक्र अदा नहीं करते
तफ़सीर:
ऐ नबी! आपका रब लोगों पर अत्यंत कृपालु और दयावान है। उसका फ़ज़ल (कृपा) यह है कि लोग उसकी नाफ़रमानी करते हैं, उसके साथ कुफ़्र करते हैं और उसकी इबादत के बजाय दूसरों की पूजा करते हैं, फिर भी वह उन्हें तुरंत पकड़ता नहीं, उन पर अज़ाब नहीं भेजता, बल्कि उन्हें मोहलत देता है और उनकी रोज़ी जारी रखता है। यह उसकी बड़ी कृपा और सहनशीलता है।
लेकिन अफ़सोस! अधिकतर लोग इस कृपा का शुक्र अदा नहीं करते। वे इस बात को नहीं समझते कि उन्हें जो आराम, सुख-शांति, स्वास्थ्य और जीवन की सुविधाएँ मिल रही हैं, यह सब अल्लाह की देन है। वे अपने रब की नेमतों को भूल जाते हैं और उसकी इबादत से मुँह मोड़ लेते हैं। शुक्र का अर्थ केवल ज़बान से "शुक्र" कहना नहीं है, बल्कि असली शुक्र यह है कि अल्लाह को पहचानें, उसकी इबादत करें और उसके बताए रास्ते पर चलें।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का फ़ज़ल बहुत विशाल है। वह अपने बंदों पर मेहरबान है, चाहे वे उसके नाशुक्रे ही क्यों न हों। हमें चाहिए कि हम उन लोगों में से न हों जो अल्लाह की नेमतों को भूल जाते हैं, बल्कि हम हर हाल में शुक्रगुज़ार बनें। जब हम शुक्र अदा करेंगे, तो अल्लाह हमें और नेमतें देगा, क्योंकि अल्लाह ने वादा किया है: "अगर तुम शुक्र करोगे तो मैं तुम्हें और ज़्यादा दूँगा।"
इस आयत में एक बड़ी खुशखबरी भी है कि अल्लाह जल्दी सज़ा नहीं देता। वह अपने बंदों को मौका देता है कि वे तौबा कर लें और अपनी गलतियों को सुधार लें। यह अल्लाह की रहमत और मुहब्बत की निशानी है। हमें इस मौके को ग़नीमत समझना चाहिए और अपने रब की तरफ लौटना चाहिए।
📜 आयत 71-75 — सूरा अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 73
सूरा अन-नमल आयत 73 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और इसमें तो शक ही नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार लोगों…सूरा आयत 73/93 — सूरा अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नमल सुनें, सूरा अन-नमल अनुवाद, सूरा अन-नमल mp3, सूरा अन-नमल pdf. आयत 71–75. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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