अन-नमल · 73/93
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नमल
وَإِنَّ رَبَّكَ لَذُو فَضْلٍ عَلَى النَّاسِ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَهُمْ لَا يَشْكُرُونَ ۝٧٣
Wa innna Rabbaka lazoo fadlin `alan naasi wa laakina aksarahum laa yashkuroon
📖 हिंदी अर्थ
और इसमें तो शक ही नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार लोगों पर बड़ा फज़ल व करम करने वाला है मगर बहुतेरे लोग (उसका) शुक्र नहीं करते

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • ذُو فَضْلٍ: अत्यंत कृपा करने वाला, बड़ी भलाई करने वाला
  • لَا يَشْكُرُونَ: कृतज्ञता नहीं जताते, शुक्र अदा नहीं करते

तफ़सीर:

ऐ नबी! आपका रब लोगों पर अत्यंत कृपालु और दयावान है। उसका फ़ज़ल (कृपा) यह है कि लोग उसकी नाफ़रमानी करते हैं, उसके साथ कुफ़्र करते हैं और उसकी इबादत के बजाय दूसरों की पूजा करते हैं, फिर भी वह उन्हें तुरंत पकड़ता नहीं, उन पर अज़ाब नहीं भेजता, बल्कि उन्हें मोहलत देता है और उनकी रोज़ी जारी रखता है। यह उसकी बड़ी कृपा और सहनशीलता है।

लेकिन अफ़सोस! अधिकतर लोग इस कृपा का शुक्र अदा नहीं करते। वे इस बात को नहीं समझते कि उन्हें जो आराम, सुख-शांति, स्वास्थ्य और जीवन की सुविधाएँ मिल रही हैं, यह सब अल्लाह की देन है। वे अपने रब की नेमतों को भूल जाते हैं और उसकी इबादत से मुँह मोड़ लेते हैं। शुक्र का अर्थ केवल ज़बान से "शुक्र" कहना नहीं है, बल्कि असली शुक्र यह है कि अल्लाह को पहचानें, उसकी इबादत करें और उसके बताए रास्ते पर चलें।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का फ़ज़ल बहुत विशाल है। वह अपने बंदों पर मेहरबान है, चाहे वे उसके नाशुक्रे ही क्यों न हों। हमें चाहिए कि हम उन लोगों में से न हों जो अल्लाह की नेमतों को भूल जाते हैं, बल्कि हम हर हाल में शुक्रगुज़ार बनें। जब हम शुक्र अदा करेंगे, तो अल्लाह हमें और नेमतें देगा, क्योंकि अल्लाह ने वादा किया है: "अगर तुम शुक्र करोगे तो मैं तुम्हें और ज़्यादा दूँगा।"

इस आयत में एक बड़ी खुशखबरी भी है कि अल्लाह जल्दी सज़ा नहीं देता। वह अपने बंदों को मौका देता है कि वे तौबा कर लें और अपनी गलतियों को सुधार लें। यह अल्लाह की रहमत और मुहब्बत की निशानी है। हमें इस मौके को ग़नीमत समझना चाहिए और अपने रब की तरफ लौटना चाहिए।



📜 आयत 71-75 — सूरा अन-नमल

71وَيَقُولُونَ مَتَىٰ هَٰذَا الْوَعْدُ إِن كُنتُمْ صَادِقِينَ
और ये (कुफ्फ़ार मुसलमानों से) पूछते हैं कि अगर तुम सच्चे हो तो (आख़िर) ये (क़यामत या अज़ाब का) वायदा कब पूरा होगा
72قُلْ عَسَىٰ أَن يَكُونَ رَدِفَ لَكُم بَعْضُ الَّذِي تَسْتَعْجِلُونَ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि जिस (अज़ाब) की तुम लोग जल्दी मचा रहे हो क्या अजब है इसमे से कुछ करीब आ गया हो
73وَإِنَّ رَبَّكَ لَذُو فَضْلٍ عَلَى النَّاسِ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَهُمْ لَا يَشْكُرُونَ
और इसमें तो शक ही नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार लोगों पर बड़ा फज़ल व करम करने वाला है मगर बहुतेरे लोग (उसका) शुक्र नहीं करते
74وَإِنَّ رَبَّكَ لَيَعْلَمُ مَا تُكِنُّ صُدُورُهُمْ وَمَا يُعْلِنُونَ
और इसमें तो शक नहीं जो बातें उनके दिलों में पोशीदा हैं और जो कुछ ये एलानिया करते हैं तुम्हारा परवरदिगार यक़ीनी जानता है
75وَمَا مِنْ غَائِبَةٍ فِي السَّمَاءِ وَالْأَرْضِ إِلَّا فِي كِتَابٍ مُّبِينٍ
और आसमान व ज़मीन में कोई ऐसी बात पोशीदा नहीं जो वाज़ेए व रौशन किताब (लौहे महफूज़) में (लिखी) मौजूद न हो
अन-नमलकुरान सूची
93आयत
मक्कीअवतरण स्थान
73आयत

अनुवाद — अन-नमल 73

सूरा अन-नमल आयत 73 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और इसमें तो शक ही नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार लोगों…

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Friday, October 2, 2026

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