अल-क़सस · 10/88
अनुवाद उच्चारण — अल-क़सस
وَأَصْبَحَ فُؤَادُ أُمِّ مُوسَىٰ فَارِغًا ۖ إِن كَادَتْ لَتُبْدِي بِهِ لَوْلَا أَن رَّبَطْنَا عَلَىٰ قَلْبِهَا لِتَكُونَ مِنَ الْمُؤْمِنِينَ ۝١٠
Wa asbaha fu`aadu ummi Moosaa faarighan in kaadat latubdee bihee law laaa arrabatnaa `alaa qalbihaa litakoona minal mu`mineen
📖 हिंदी अर्थ
इधर तो ये हो रहा था और (उधर) मूसा की माँ का दिल ऐसा बेचैन हो गया कि अगर हम उसके दिल को मज़बूत कर देते तो क़रीब था कि मूसा का हाल ज़ाहिर कर देती (और हमने इसीलिए ढारस दी) ताकि वह (हमारे वायदे का) यक़ीन रखे
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فُؤَاد – दिल, कलेजा
  • فَارِغًا – खाली, यानी हर चीज़ से खाली
  • لَتُبْدِي بِهِ – उसके (मूसा के) मामले को ज़ाहिर कर देती
  • رَبَطْنَا عَلَى قَلْبِهَا – हमने उसके दिल को मज़बूत किया, सब्र और स्थिरता दी

तफ़सीर:

जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) की माँ ने अपने बच्चे को संदूक़ में रखकर दरिया में छोड़ा था, तो अल्लाह ने उन्हें वादा दिया था कि वह उनके बच्चे को सुरक्षित उन्हीं की ओर लौटाएगा। लेकिन जब उन्हें पता चला कि फ़िरऔन के घर ने उस बच्चे को उठा लिया है, तो उनका दिल हर चीज़ से खाली हो गया। यानी उनके दिल में न दुनिया की कोई चिंता रही, न कोई और ख़्याल, बस एक ही बात थी – मूसा की याद और उसकी फ़िक्र। उनका दिल घबरा गया, और वह इस कदर बेचैन हुईं कि क़रीब-क़रीब वह अपने बेटे का राज़ ज़ाहिर कर देतीं कि यह बच्चा मेरा है।

लेकिन अल्लाह ने उनके दिल को मज़बूत किया और सब्र की ताक़त दी, ताकि वह इस मुश्किल घड़ी में डटी रहें और अपने रब के वादे पर भरोसा रखें। अल्लाह ने उनके दिल को इसलिए स्थिर किया ताकि वह सच्चे ईमान वालों में से हों – यानी अल्लाह के वादे पर यक़ीन करने वाली और उस पर भरोसा रखने वाली।

इस आयत में हमारे लिए बहुत बड़ा सबक़ है। जब अल्लाह किसी बंदे से वादा करता है, तो वह ज़रूर पूरा होता है, भले ही हालात कितने भी डरावने क्यों न हों। माँ का दिल बच्चे के लिए बेचैन होना फ़ितरत है, लेकिन अल्लाह ने उन्हें सब्र दिया और उनके दिल को जोड़ा। यह हमें सिखाता है कि मुश्किल वक़्त में अल्लाह पर भरोसा रखें, उससे सब्र की दुआ माँगें, और यक़ीन रखें कि अल्लाह हर हाल में अपने बंदों के साथ है। जो लोग अल्लाह पर पूरा भरोसा रखते हैं, अल्लाह उनके दिलों को सुकून और स्थिरता देता है, और उन्हें उन हालात से निकालता है जिनका कोई हल नज़र नहीं आता।

🎧 सुनें

📜 आयत 8-12 — अल-क़सस

8فَالْتَقَطَهُ آلُ فِرْعَوْنَ لِيَكُونَ لَهُمْ عَدُوًّا وَحَزَنًا ۗ إِنَّ فِرْعَوْنَ وَهَامَانَ وَجُنُودَهُمَا كَانُوا خَاطِئِينَ
(ग़रज़ मूसा की माँ ने दरिया में डाल दिया) वह सन्दूक़ बहते बहते फिरऔन के महल के पास आ लगा तो फिरऔन के लोगों ने उसे उठा लिया ताकि (एक दिन यही) उनका दुश्मन और उनके राज का बायस बने इसमें शक नहीं कि फिरऔन और हामान उन दोनों के लश्कर ग़लती पर थे
9وَقَالَتِ امْرَأَتُ فِرْعَوْنَ قُرَّتُ عَيْنٍ لِّي وَلَكَ ۖ لَا تَقْتُلُوهُ عَسَىٰ أَن يَنفَعَنَا أَوْ نَتَّخِذَهُ وَلَدًا وَهُمْ لَا يَشْعُرُونَ
और (जब मूसा महल में लाए गए तो) फिरऔन की बीबी (आसिया अपने शौहर से) बोली कि ये मेरी और तुम्हारी (दोनों की) ऑंखों की ठन्डक है तो तुम लोग इसको क़त्ल न करो क्या अजब है कि ये हमको नफ़ा पहुँचाए या हम उसे ले पालक ही बना लें और उन्हें (उसी के हाथ से बर्बाद होने की) ख़बर न थी
10وَأَصْبَحَ فُؤَادُ أُمِّ مُوسَىٰ فَارِغًا ۖ إِن كَادَتْ لَتُبْدِي بِهِ لَوْلَا أَن رَّبَطْنَا عَلَىٰ قَلْبِهَا لِتَكُونَ مِنَ الْمُؤْمِنِينَ
इधर तो ये हो रहा था और (उधर) मूसा की माँ का दिल ऐसा बेचैन हो गया कि अगर हम उसके दिल को मज़बूत कर देते तो क़रीब था कि मूसा का हाल ज़ाहिर कर देती (और हमने इसीलिए ढारस दी) ताकि वह (हमारे वायदे का) यक़ीन रखे
11وَقَالَتْ لِأُخْتِهِ قُصِّيهِ ۖ فَبَصُرَتْ بِهِ عَن جُنُبٍ وَهُمْ لَا يَشْعُرُونَ
और मूसा की माँ ने (दरिया में डालते वक्त) उनकी बहन (कुलसूम) से कहा कि तुम इसके पीछे पीछे (अलग) चली जाओ तो वह मूसा को दूर से देखती रही और उन लोगो को उसकी ख़बर भी न हुई
12۞ وَحَرَّمْنَا عَلَيْهِ الْمَرَاضِعَ مِن قَبْلُ فَقَالَتْ هَلْ أَدُلُّكُمْ عَلَىٰ أَهْلِ بَيْتٍ يَكْفُلُونَهُ لَكُمْ وَهُمْ لَهُ نَاصِحُونَ
और हमने मूसा पर पहले ही से और दाईयों (के दूध) को हराम कर दिया था (कि किसी की छाती से मुँह न लगाया) तब मूसा की बहन बोली भला मै तुम्हें एक घराने का पता बताऊ कि वह तुम्हारी ख़ातिर इस बच्चे की परवरिश कर देंगे और वह यक़ीनन इसके खैरख्वाह होगे
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अनुवाद — अल-क़सस 10

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Tuesday, August 18, 2026

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