अल-क़सस · 9/88
अनुवाद उच्चारण — अल-क़सस
وَقَالَتِ امْرَأَتُ فِرْعَوْنَ قُرَّتُ عَيْنٍ لِّي وَلَكَ ۖ لَا تَقْتُلُوهُ عَسَىٰ أَن يَنفَعَنَا أَوْ نَتَّخِذَهُ وَلَدًا وَهُمْ لَا يَشْعُرُونَ ۝٩
Wa qaalatim ra atu Fir`awna qurratu `aynil lee wa lak; laa taqtuloohu `asaaa aiyanfa`anaa aw nattakhizahoo waladanw wa hum laa yash`uroon
📖 हिंदी अर्थ
और (जब मूसा महल में लाए गए तो) फिरऔन की बीबी (आसिया अपने शौहर से) बोली कि ये मेरी और तुम्हारी (दोनों की) ऑंखों की ठन्डक है तो तुम लोग इसको क़त्ल न करो क्या अजब है कि ये हमको नफ़ा पहुँचाए या हम उसे ले पालक ही बना लें और उन्हें (उसी के हाथ से बर्बाद होने की) ख़बर न थी

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • قُرَّتُ عَيْنٍ (क़ुर्रतु अैनिन): आँखों की ठंडक, यानी खुशी और सरूर का कारण।
  • لَا تَقْتُلُوهُ (ला तक़्तुलूहु): उसे मत मारो।
  • عَسَى أَن يَنفَعَنَا (असा अै यन्फ़अना): उम्मीद है कि वह हमें लाभ पहुँचाए।
  • نَتَّخِذَهُ وَلَدًا (नत्तख़िज़हु वलदन): हम उसे बेटा बना लें।
  • لَا يَشْعُرُونَ (ला यश्उरून): वे नहीं जानते।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब फ़िरऔन के आदमी उस बच्चे (मूसा अलैहिस्सलाम) को लेकर आए और फ़िरऔन ने उसे मार डालने का इरादा किया, तो अल्लाह ने फ़िरऔन की पत्नी (आसिया) के दिल में इस बच्चे के लिए महब्बत और शफ़्क़त डाल दी। उसने फ़िरऔन से कहा: "यह बच्चा मेरे और तुम्हारे लिए आँखों की ठंडक है—यानी हमारी खुशी और ख़ुशी का ज़रिया बनेगा। इसे मत मारो। हो सकता है यह हमें कोई फ़ायदा पहुँचाए, या हम इसे अपना बेटा ही बना लें।"

आसिया ने यह बात उस वक़्त कही जब उसे यक़ीन था कि यह बच्चा किसी ख़ास मक़सद के लिए आया है। अल्लाह ने उसके दिल में यह बात डाल दी, और फ़िरऔन ने भी अपनी पत्नी की बात मान ली। इस तरह अल्लाह ने अपने नबी मूसा को फ़िरऔन के हाथों से बचा लिया।

और यह बड़ी अजीब बात है कि फ़िरऔन और उसके सारे लोग यह नहीं जानते थे कि यही बच्चा वह शख़्स है जिसके हाथों उनका साम्राज्य तबाह होगा और उनका क़ब्ज़ा ख़त्म होगा। अल्लाह की क़ुदरत देखिए—दुश्मन के घर में ही उसके दुश्मन की परवरिश हो रही थी, और दुश्मन ख़ुद अपने हाथों से उसे पाल रहा था।

दावत और नसीहत:

इस क़िस्से में अल्लाह की क़ुदरत की बड़ी निशानियाँ हैं। जब अल्लाह किसी काम का इरादा करता है, तो उसे पूरा करके ही रहता है, चाहे दुनिया के तमाम लोग उसके ख़िलाफ़ ही क्यों न हों। फ़िरऔन जैसा ज़ालिम, जो ख़ुद को ख़ुदा कहता था, अपने घर में उस बच्चे को पाल रहा था जो उसकी तबाही का सबब बना। यह हमारे लिए सबक़ है कि हम अल्लाह पर भरोसा रखें। अल्लाह जिसे चाहता है इज़्ज़त देता है और जिसे चाहता है ज़िल्लत। मूसा अलैहिस्सलाम जैसे कमज़ोर बच्चे को अल्लाह ने सबसे बड़े ज़ालिम के घर में पनाह दी, और उसी ज़ालिम के हाथों उसकी परवरिश करवाई। यह बताता है कि अल्लाह की मदद उसके नेक बंदों के साथ हमेशा रहती है, चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों। हमें भी अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए और यक़ीन रखना चाहिए कि अल्लाह हर मुश्किल से निकलने का रास्ता निकालता है।



📜 आयत 7-11 — अल-क़सस

7وَأَوْحَيْنَا إِلَىٰ أُمِّ مُوسَىٰ أَنْ أَرْضِعِيهِ ۖ فَإِذَا خِفْتِ عَلَيْهِ فَأَلْقِيهِ فِي الْيَمِّ وَلَا تَخَافِي وَلَا تَحْزَنِي ۖ إِنَّا رَادُّوهُ إِلَيْكِ وَجَاعِلُوهُ مِنَ الْمُرْسَلِينَ
और हमने मूसा की माँ के पास ये वही भेजी कि तुम उसको दूध पिला लो फिर जब उसकी निस्बत तुमको कोई ख़ौफ हो तो इसको (एक सन्दूक़ में रखकर) दरिया में डाल दो और (उस पर) तुम कुछ न डरना और न कुढ़ना (तुम इतमेनान रखो) हम उसको फिर तुम्हारे पास पहुँचा देगें और उसको (अपना) रसूल बनाएँगें
8فَالْتَقَطَهُ آلُ فِرْعَوْنَ لِيَكُونَ لَهُمْ عَدُوًّا وَحَزَنًا ۗ إِنَّ فِرْعَوْنَ وَهَامَانَ وَجُنُودَهُمَا كَانُوا خَاطِئِينَ
(ग़रज़ मूसा की माँ ने दरिया में डाल दिया) वह सन्दूक़ बहते बहते फिरऔन के महल के पास आ लगा तो फिरऔन के लोगों ने उसे उठा लिया ताकि (एक दिन यही) उनका दुश्मन और उनके राज का बायस बने इसमें शक नहीं कि फिरऔन और हामान उन दोनों के लश्कर ग़लती पर थे
9وَقَالَتِ امْرَأَتُ فِرْعَوْنَ قُرَّتُ عَيْنٍ لِّي وَلَكَ ۖ لَا تَقْتُلُوهُ عَسَىٰ أَن يَنفَعَنَا أَوْ نَتَّخِذَهُ وَلَدًا وَهُمْ لَا يَشْعُرُونَ
और (जब मूसा महल में लाए गए तो) फिरऔन की बीबी (आसिया अपने शौहर से) बोली कि ये मेरी और तुम्हारी (दोनों की) ऑंखों की ठन्डक है तो तुम लोग इसको क़त्ल न करो क्या अजब है कि ये हमको नफ़ा पहुँचाए या हम उसे ले पालक ही बना लें और उन्हें (उसी के हाथ से बर्बाद होने की) ख़बर न थी
10وَأَصْبَحَ فُؤَادُ أُمِّ مُوسَىٰ فَارِغًا ۖ إِن كَادَتْ لَتُبْدِي بِهِ لَوْلَا أَن رَّبَطْنَا عَلَىٰ قَلْبِهَا لِتَكُونَ مِنَ الْمُؤْمِنِينَ
इधर तो ये हो रहा था और (उधर) मूसा की माँ का दिल ऐसा बेचैन हो गया कि अगर हम उसके दिल को मज़बूत कर देते तो क़रीब था कि मूसा का हाल ज़ाहिर कर देती (और हमने इसीलिए ढारस दी) ताकि वह (हमारे वायदे का) यक़ीन रखे
11وَقَالَتْ لِأُخْتِهِ قُصِّيهِ ۖ فَبَصُرَتْ بِهِ عَن جُنُبٍ وَهُمْ لَا يَشْعُرُونَ
और मूसा की माँ ने (दरिया में डालते वक्त) उनकी बहन (कुलसूम) से कहा कि तुम इसके पीछे पीछे (अलग) चली जाओ तो वह मूसा को दूर से देखती रही और उन लोगो को उसकी ख़बर भी न हुई
अल-क़ससकुरान सूची
88आयत
मक्कीRevelation
9आयत

अनुवाद — अल-क़सस 9

सूरा अल-क़सस आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (जब मूसा महल में लाए गए तो) फिरऔन की…

सूरा आयत 9/88 — अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़सस सुनें, अल-क़सस अनुवाद, अल-क़सस mp3, अल-क़सस pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए