Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قُرَّتُ عَيْنٍ (क़ुर्रतु अैनिन): आँखों की ठंडक, यानी खुशी और सरूर का कारण।
- لَا تَقْتُلُوهُ (ला तक़्तुलूहु): उसे मत मारो।
- عَسَى أَن يَنفَعَنَا (असा अै यन्फ़अना): उम्मीद है कि वह हमें लाभ पहुँचाए।
- نَتَّخِذَهُ وَلَدًا (नत्तख़िज़हु वलदन): हम उसे बेटा बना लें।
- لَا يَشْعُرُونَ (ला यश्उरून): वे नहीं जानते।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब फ़िरऔन के आदमी उस बच्चे (मूसा अलैहिस्सलाम) को लेकर आए और फ़िरऔन ने उसे मार डालने का इरादा किया, तो अल्लाह ने फ़िरऔन की पत्नी (आसिया) के दिल में इस बच्चे के लिए महब्बत और शफ़्क़त डाल दी। उसने फ़िरऔन से कहा: "यह बच्चा मेरे और तुम्हारे लिए आँखों की ठंडक है—यानी हमारी खुशी और ख़ुशी का ज़रिया बनेगा। इसे मत मारो। हो सकता है यह हमें कोई फ़ायदा पहुँचाए, या हम इसे अपना बेटा ही बना लें।"
आसिया ने यह बात उस वक़्त कही जब उसे यक़ीन था कि यह बच्चा किसी ख़ास मक़सद के लिए आया है। अल्लाह ने उसके दिल में यह बात डाल दी, और फ़िरऔन ने भी अपनी पत्नी की बात मान ली। इस तरह अल्लाह ने अपने नबी मूसा को फ़िरऔन के हाथों से बचा लिया।
और यह बड़ी अजीब बात है कि फ़िरऔन और उसके सारे लोग यह नहीं जानते थे कि यही बच्चा वह शख़्स है जिसके हाथों उनका साम्राज्य तबाह होगा और उनका क़ब्ज़ा ख़त्म होगा। अल्लाह की क़ुदरत देखिए—दुश्मन के घर में ही उसके दुश्मन की परवरिश हो रही थी, और दुश्मन ख़ुद अपने हाथों से उसे पाल रहा था।
दावत और नसीहत:
इस क़िस्से में अल्लाह की क़ुदरत की बड़ी निशानियाँ हैं। जब अल्लाह किसी काम का इरादा करता है, तो उसे पूरा करके ही रहता है, चाहे दुनिया के तमाम लोग उसके ख़िलाफ़ ही क्यों न हों। फ़िरऔन जैसा ज़ालिम, जो ख़ुद को ख़ुदा कहता था, अपने घर में उस बच्चे को पाल रहा था जो उसकी तबाही का सबब बना। यह हमारे लिए सबक़ है कि हम अल्लाह पर भरोसा रखें। अल्लाह जिसे चाहता है इज़्ज़त देता है और जिसे चाहता है ज़िल्लत। मूसा अलैहिस्सलाम जैसे कमज़ोर बच्चे को अल्लाह ने सबसे बड़े ज़ालिम के घर में पनाह दी, और उसी ज़ालिम के हाथों उसकी परवरिश करवाई। यह बताता है कि अल्लाह की मदद उसके नेक बंदों के साथ हमेशा रहती है, चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों। हमें भी अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए और यक़ीन रखना चाहिए कि अल्लाह हर मुश्किल से निकलने का रास्ता निकालता है।
📜 आयत 7-11 — सूरा अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 9
सूरा अल-क़सस आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (जब मूसा महल में लाए गए तो) फिरऔन की…सूरा आयत 9/88 — सूरा अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़सस सुनें, सूरा अल-क़सस अनुवाद, सूरा अल-क़सस mp3, सूरा अल-क़सस pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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