अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- غَدَوْتَ: तुम सुबह के समय निकले।
- تُبَوِّئُ: तुम स्थान निर्धारित कर रहे थे, यानी हर व्यक्ति को उसका ठिकाना बता रहे थे।
- مَقَاعِدَ: ठहरने के स्थान, युद्ध के लिए निर्धारित मोर्चे।
व्याख्या:
हे नबी! उस समय को याद करो जब तुम उहुद के युद्ध के लिए सुबह-सुबह अपने घर से निकले थे। तुम मदीना से बाहर निकलकर मुसलमानों को युद्ध के लिए उनके स्थानों पर बैठा रहे थे, यानी हर सैनिक को उसकी जगह तय कर रहे थे कि कौन कहाँ खड़ा होगा और किस तरह से मुशरिकीन (बहुदेववादियों) का मुकाबला करेगा। यह तुम्हारी रणनीतिक व्यवस्था थी, जिससे मुसलमानों का मोर्चा मजबूत हो। अल्लाह तुम्हारी हर बात सुन रहा है और तुम्हारे हर काम को जान रहा है — चाहे वह छिपा हो या खुला। वह तुम्हारी नीयतों और कार्यों से पूरी तरह अवगत है, और इसी के अनुसार वह तुम्हें बदला देगा।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह के नबी की सुन्नत (तरीका) यही है कि मुसलमानों को हर काम में संगठित किया जाए, खासकर युद्ध जैसे महत्वपूर्ण मामले में। यह हमें सिखाता है कि हमें अपने जीवन के हर क्षेत्र में व्यवस्था और अनुशासन अपनाना चाहिए।
- यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह हर समय हमारी बातें सुनता है और हमारे कर्मों को देखता है। इसका एहसास हमें अच्छे काम करने और बुराई से बचने की प्रेरणा देता है।
- नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का उहुद के दिन का यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत और सूझ-बूझ से काम लेना चाहिए, और अल्लाह पर भरोसा रखते हुए अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
- यह आयत मुसलमानों को एकता और भाईचारे का पाठ पढ़ाती है, क्योंकि नबी ने हर व्यक्ति को उसकी स्थिति के अनुसार जगह दी, जो यह दर्शाता है कि हर व्यक्ति की अपनी अहमियत है और सबको मिलकर काम करना चाहिए।
📜 आयत 119-123 — आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 121
सूरा आल-इमरान आयत 121 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) एक वक्त वो भी था जब तुम…सूरा आयत 121/200 — आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: आल-इमरान सुनें, आल-इमरान अनुवाद, आल-इमरान mp3, आल-इमरान pdf. आयत 119–123. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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