Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَطِيعُوا: आज्ञा का पालन करो, हुक्म मानो।
- تَوَلَّوْا: मुँह मोड़ लें, आज्ञा मानने से इनकार कर दें।
- الْكَافِرِينَ: जो लोग अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा को न मानें और उसे झुठलाएँ।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप कह दीजिए कि अल्लाह की आज्ञा का पालन करो, उसकी किताब (क़ुरआन) पर अमल करके, और रसूल की आज्ञा का पालन करो, उसकी सुन्नत (जीवन-पद्धति) पर चलकर — चाहे वह आपके जीवनकाल में हो या आपके बाद। यह आज्ञा हर उस आदेश को मानने पर लागू होती है जो अल्लाह ने दिया है और हर उस निषेध से बचने पर जो उसने रोका है। लेकिन अगर ये लोग आपकी बात मानने से मुँह मोड़ लें और अपनी ज़िद और अवज्ञा पर अड़े रहें, तो वे जान लें कि अल्लाह ऐसे काफ़िरों से प्रेम नहीं करता — जो उसकी और उसके रसूल की आज्ञा का उल्लंघन करते हैं। अल्लाह की नापसंदगी और उसकी यात्रा उन्हीं के लिए है, और उनके लिए कोई क्षमा भी नहीं है।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह की आज्ञा और रसूल की आज्ञा को अलग नहीं किया जा सकता — दोनों एक ही सूत्र में बँधे हैं। जो रसूल की सुन्नत को छोड़कर केवल क़ुरआन पर चलने का दावा करता है, वह वास्तव में अल्लाह की आज्ञा का भी उल्लंघन करता है।
- अल्लाह की मुहब्बत पाने का एकमात्र रास्ता उसकी और उसके रसूल की आज्ञा का पालन है। जो इस रास्ते से हटता है, वह अल्लाह की मुहब्बत से वंचित रह जाता है — और यह सबसे बड़ी हानि है।
- यह आयत हमें चेतावनी देती है कि अवज्ञा और घमंड इंसान को कुफ़्र तक ले जा सकता है। इसलिए हमें हर हाल में नम्रता और विनम्रता के साथ अल्लाह के हुक्मों को क़बूल करना चाहिए।
- इस आयत में मोमिनों के लिए खुशखबरी है कि अल्लाह उन्हें प्यार करता है जो उसकी आज्ञा का पालन करते हैं, और यही प्यार सबसे बड़ी नेमत है जो इंसान को दुनिया और आख़िरत में कामयाबी देता है।
📜 आयत 30-34 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 32
सूरा आल-इमरान आयत 32 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) कह दो कि ख़ुदा और रसूल की फ़रमाबरदारी…सूरा आयत 32/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 30–34. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


