अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تَوَلَّىٰ: मुँह मोड़ लिया, विमुख हो गया, इस्लाम की दावत को छोड़ दिया।
- الْفَاسِقُونَ: आज्ञा का उल्लंघन करने वाले, ईमान के दायरे से बाहर निकल जाने वाले, अवज्ञाकारी।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जिसने इस स्पष्ट घोषणा और पुख्ता अहद (वचन) के बाद — जो अल्लाह ने अपने नबियों से लिया था कि वे मुहम्मद (ﷺ) पर ईमान लाएँगे और उनकी मदद करेंगे — इस दावत से मुँह मोड़ लिया और उसे ठुकरा दिया, तो ऐसे लोग ही असली फ़ासिक़ (अवज्ञाकारी) हैं। यानी वे अल्लाह के दीन (इस्लाम) से बाहर निकल गए और अपने रब की आज्ञा का उल्लंघन करके गुनाहगार बन गए। उनका यह विमुख होना उनके ईमान के दावे को झुठलाता है, क्योंकि सच्चा ईमान उस अहद को निभाने का नाम है जो अल्लाह ने अपने बन्दों से लिया है। यह चेतावनी उन सबके लिए है जो हक़ (सत्य) को जानने के बाद उससे विमुख हो जाते हैं।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह का दीन स्पष्ट और सच्चा है, और जो इसे जानने के बाद भी छोड़ देता है, वह अपने नुक़सान का ज़िम्मेदार खुद है।
- ईमान सिर्फ़ ज़ुबानी दावा नहीं, बल्कि अल्लाह से किए गए वचन को निभाना है; जो वचन तोड़ता है, वह फ़ासिक़ कहलाता है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि हक़ को पहचानने के बाद उस पर साबित क़दम रहना चाहिए, क्योंकि हक़ से मुँह मोड़ना इंसान को अल्लाह की रहमत से दूर कर देता है।
- इस्लाम की दावत ही सच्ची नजात (मुक्ति) का रास्ता है, और इस पर अमल करना ही इंसान को फ़ासिक़ी (अवज्ञा) से बचाता है।
📜 आयत 80-84 — आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 82
सूरा आल-इमरान आयत 82 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुम्हारे साथ मैं भी एक गवाह हूं फिर उसके…सूरा आयत 82/200 — आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: आल-इमरान सुनें, आल-इमरान अनुवाद, आल-इमरान mp3, आल-इमरान pdf. आयत 80–84. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








