अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- هُدًى: मार्गदर्शन, सत्य का ज्ञान, वह प्रकाश जो मनुष्य को सही रास्ता दिखाए।
- رَبِّهِمْ: उनके पालनहार (अल्लाह) की ओर से।
- الْمُفْلِحُونَ: सफलता पाने वाले, कामयाब लोग, जिन्होंने अपना लक्ष्य प्राप्त कर लिया और हर भय से सुरक्षित हो गए।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों की विशेषता बयान कर रही है जिनका ज़िक्र पिछली आयात में किया गया—जो नमाज़ क़ायम करते हैं, ज़कात देते हैं और आख़िरत पर यक़ीन रखते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यही लोग अपने रब की ओर से स्पष्ट मार्गदर्शन (हिदायत) पर हैं। यह हिदायत कोई अंधी परंपरा या मनगढ़ंत बात नहीं, बल्कि अल्लाह की ओर से उतारा गया नूर और सच्चाई है जो उनके दिलों को रोशन करती है और उनके कदमों को सीधे रास्ते पर जमा देती है।
फिर अल्लाह फ़रमाता है: "और यही लोग सच्चे कामयाब (मुफ़्लिह) हैं।" यानी दुनिया और आख़िरत दोनों में उन्हें सफलता मिलेगी। दुनिया में उन्हें इत्मिनान, सुकून और अल्लाह की मदद हासिल होगी, और आख़िरत में उन्हें जन्नत मिलेगी—जो हर मुश्किल से निजात और हर ख्वाहिश की तकमील है। वे उस चीज़ को पा लेंगे जो वे चाहते हैं और उस चीज़ से बच जाएँगे जिससे वे डरते हैं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि सच्ची कामयाबी सिर्फ़ अल्लाह की हिदायत पर चलने में है। जो लोग नमाज़, ज़कात और आख़िरत के यक़ीन को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाते हैं, अल्लाह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता। वह उन्हें अपने रब की तरफ़ से रोशनी देता है जो उनके हर कदम को सही दिशा दिखाती है। यह वादा अल्लाह का है—और अल्लाह का वादा कभी झूठा नहीं होता। इसलिए हर मुसलमान को चाहिए कि वह इन आयात में बताई गई सिफ़ात (गुणों) को अपनाए, ताकि वह भी उन कामयाब लोगों में शामिल हो जाए जिनका ज़िक्र अल्लाह ने अपनी किताब में किया है। यही वह रास्ता है जो दुनिया की परेशानियों से निजात और आख़िरत की सदा की खुशियों तक पहुँचाता है।
📜 आयत 3-7 — सूरा लुकमान
अनुवाद — लुकमान 5
सूरा लुकमान आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यही लोग अपने परवरदिगार की हिदायत पर आमिल हैं और…सूरा आयत 5/34 — सूरा लुकमान لقمان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा लुकमान सुनें, सूरा लुकमान अनुवाद, सूरा लुकमान mp3, सूरा लुकमान pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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