अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- हरज: तंगी, संकट, गुनाह या कोई बोझ।
- फ़रज़: यहाँ अर्थ है हलाल किया, अनुमति दी।
- सुन्नतुल्लाह: अल्लाह की चलती आई हुई व्यवस्था और रीति।
- क़दरन मक़दूरन: अल्लाह का लिखा हुआ फैसला जो अटल है और ज़रूर पूरा होकर रहेगा।
तफ़सीर:
यह आयत नबी करीम ﷺ के उस कार्य की पवित्रता और वैधता को स्पष्ट करती है जिसे कुछ लोग संदेह की नज़र से देखते थे। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि नबी ﷺ पर उस चीज़ में कोई गुनाह, कोई तंगी या कोई बोझ नहीं है जिसे अल्लाह ने उनके लिए हलाल किया है। यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह अल्लाह की वही सुन्नत (रीति) है जो पहले के नबियों में भी जारी रही। हज़रत दाऊद और हज़रत सुलैमान अलैहिमास्सलाम जैसे नबियों के जीवन में भी यही व्यवस्था थी। अल्लाह का फैसला जो उसने अपने नबी के लिए लिख दिया है, वह अटल है, उसे कोई टाल नहीं सकता और न ही कोई उसमें रुकावट डाल सकता है।
इस आयत में एक बहुत बड़ी शिक्षा छिपी है — जब अल्लाह किसी बात को अपने नबी के लिए पसंद करता है और उसे हलाल ठहराता है, तो उस पर किसी को उंगली उठाने का अधिकार नहीं है। नबी ﷺ का हर कार्य अल्लाह की मर्ज़ी के अधीन था, अपनी इच्छा के नहीं। यही उनकी महानता है कि उन्होंने अपने जीवन के हर पहलू में अल्लाह के हुक्म को सबसे आगे रखा।
इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि अल्लाह के फैसलों पर संतुष्ट रहना चाहिए। जो अल्लाह ने तय कर दिया, वह होकर रहता है। नबी ﷺ की ज़िंदगी में हर क़दम अल्लाह की मंशा के अनुसार चला, और यही उनकी उम्मत के लिए सबसे बड़ा नमूना है। हमें भी अपने जीवन में अल्लाह के हुक्म को अपनी इच्छाओं पर तरजीह देनी चाहिए, क्योंकि अल्लाह जो चाहता है वही बेहतर होता है, भले ही हमारी समझ में वह बात कैसी भी लगे।
यह आयत नबी ﷺ की शान में एक और सबूत है कि वह हर मामले में अल्लाह की रज़ा के ताबे थे, और उनकी हर सुन्नत हमारे लिए रहनुमाई है। जो लोग नबी ﷺ के कार्यों पर एतराज़ करते हैं, वह दरअसल अल्लाह के फैसले पर एतराज़ करते हैं, और यह बहुत बड़ी बात है। हमें चाहिए कि हम नबी ﷺ की हर सुन्नत को मुहब्बत और एहतिराम के साथ क़बूल करें, क्योंकि उनका हर क़दम अल्लाह की तरफ से था।
📜 आयत 36-40 — अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 38
सूरा अल-अहज़ाब आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो हुक्म खुदा ने पैग़म्बर पर फर्ज क़र दिया (उसके…सूरा आयत 38/73 — अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहज़ाब सुनें, अल-अहज़ाब अनुवाद, अल-अहज़ाब mp3, अल-अहज़ाब pdf. आयत 36–40. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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