Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يُبَلِّغُونَ رِسَالَاتِ اللَّهِ: अल्लाह के संदेशों को पहुँचाना।
- يَخْشَوْنَهُ: उसी से डरना।
- حَسِيبًا: हिसाब लेने वाला, देखभाल करने वाला।
तफ़सीर:
यह आयत अल्लाह तआला के पैग़म्बरों की प्रशंसा में है, जिन्होंने अल्लाह के संदेशों को बिना किसी भय के लोगों तक पहुँचाया। ये वे लोग थे जो अल्लाह के हुक्मों को पूरा करते थे, उसकी इबादत करते थे और उसके दीन का प्रचार करते थे। उनका एक विशेष गुण यह था कि वे केवल अल्लाह से डरते थे और किसी इंसान के डर से अपने कर्तव्यों से विमुख नहीं होते थे। चाहे उन्हें कितनी भी कठिनाइयों का सामना करना पड़े, चाहे लोग उनका मज़ाक उड़ाएँ या उन्हें धमकाएँ, वे अल्लाह का संदेश पहुँचाने में कभी पीछे नहीं हटे।
इस आयत में अल्लाह तआला ने अपने पैग़म्बरों की इसी दृढ़ता और साहस की तारीफ़ की है। वे अल्लाह के आदेशों का पालन करते थे, भले ही लोग उन्हें नापसंद करें। उन्होंने कभी किसी इंसान की नाराज़गी का ख्याल नहीं किया, बल्कि केवल अल्लाह की रज़ा को सामने रखा। यही वजह है कि अल्लाह ने उन्हें अपना पैग़म्बर बनाया और उन्हें सफलता दी।
आयत के अंत में अल्लाह फ़रमाता है: "अल्लाह ही हिसाब लेने के लिए काफ़ी है।" यानी अल्लाह हर चीज़ का देखभाल करने वाला है, वह अपने बंदों के सभी कर्मों को जानता है और उनका हिसाब लेगा। जो लोग अल्लाह के रास्ते में काम करते हैं, उन्हें किसी इंसान के डर की ज़रूरत नहीं, क्योंकि अल्लाह उनकी मदद करेगा और उन्हें इनाम देगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चे मोमिन की पहचान यह है कि वह अल्लाह के हुक्मों को सबसे आगे रखता है। हमें भी अपने जीवन में यही रवैया अपनाना चाहिए — अल्लाह की रज़ा को प्राथमिकता दें, किसी इंसान के डर या लालच से अपने ईमान और अमल में कमज़ोरी न आने दें। अल्लाह हमारी हर अच्छाई और बुराई का हिसाब लेगा, इसलिए हमें उसी से डरना चाहिए और उसी पर भरोसा रखना चाहिए। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देगा।
📜 आयत 37-41 — सूरा अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 39
सूरा अल-अहज़ाब आयत 39 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह लोग जो खुदा के पैग़ामों को (लोगों तक जूँ…सूरा आयत 39/73 — सूरा अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहज़ाब सुनें, सूरा अल-अहज़ाब अनुवाद, सूरा अल-अहज़ाब mp3, सूरा अल-अहज़ाब pdf. आयत 37–41. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहज़ाब
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


