Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بَشِّرْ – खुशखबरी दो, शुभ सूचना दो।
- الْمُؤْمِنِينَ – ईमानवालों को, जो अल्लाह और उसके रसूल पर सच्चे दिल से ईमान रखते हैं।
- فَضْلًا كَبِيرًا – बहुत बड़ा अनुग्रह, विशाल उपकार, अत्यधिक दया और इनाम।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप उन सच्चे ईमानवालों को, जो अल्लाह और उसके रसूल पर दिल से ईमान रखते हैं और उसके आदेशों पर अमल करते हैं, खुशखबरी सुना दें कि उनके लिए अल्लाह की ओर से बहुत बड़ा अनुग्रह और विशाल इनाम तैयार है। यह फ़ज़्ल (अनुग्रह) केवल दुनिया तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें दुनिया में अल्लाह की मदद, नुसरत और कामयाबी भी शामिल है, और आख़िरत में जन्नत के बाग़, अल्लाह की रज़ा और उसकी रहमत का दीदार भी शामिल है। यह अल्लाह का वादा है, और अल्लाह का वादा कभी टूटता नहीं। यह उसका महान उपकार है जो वह अपने ईमानवाले बंदों को देता है, जो उनके अमल का बदला नहीं, बल्कि उसकी अपनी दया और कृपा है।
यह खुशखबरी ईमानवालों के दिलों को सुकून और खुशी देती है, उनके क़दमों को मज़बूत करती है और उन्हें अल्लाह की राह में और ज़्यादा सब्र और इस्तिक़ामत (स्थिरता) पर प्रोत्साहित करती है। जब एक मुसलमान को यह यक़ीन हो जाए कि उसकी मेहनत और ईमान बेकार नहीं जाएगा, बल्कि अल्लाह के पास उसके लिए बड़ा इनाम है, तो उसका दिल अल्लाह की मुहब्बत से भर जाता है और वह अपने रब की इबादत में और भी रूचि लेता है।
यह आयत हमें सिखाती है कि ईमानवालों को एक-दूसरे को खुशखबरी देनी चाहिए, अच्छी बातों से एक-दूसरे का हौसला बढ़ाना चाहिए, और अल्लाह की रहमत और उसके इनाम की उम्मीद हमेशा दिल में रखनी चाहिए। अल्लाह अपने बंदों पर बहुत दयालु है, और वह चाहता है कि उसके बंदे उसकी रहमत से निराश न हों। यही ईमान की असली खुशखबरी है — कि अल्लाह के पास उसके ईमानवाले बंदों के लिए वह कुछ है जो आँखों ने देखा नहीं, कानों ने सुना नहीं, और किसी इंसान के दिल ने सोचा भी नहीं।
तो ऐ ईमानवालों! इस खुशखबरी को ग़नीमत समझो, अल्लाह की राह पर साबित क़दम रहो, और उसके वादे पर पूरा भरोसा रखो। अल्लाह की रहमत और उसका फ़ज़्ल उन लोगों के लिए है जो उस पर ईमान लाते हैं और उसकी इबादत में जुटे रहते हैं। यही कामयाबी है, और यही सच्ची खुशी है।
📜 आयत 45-49 — सूरा अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 47
सूरा अल-अहज़ाब आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुम मोमिनीन को खुशख़बरी दे दो कि उनके लिए…सूरा आयत 47/73 — सूरा अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहज़ाब सुनें, सूरा अल-अहज़ाब अनुवाद, सूरा अल-अहज़ाब mp3, सूरा अल-अहज़ाब pdf. आयत 45–49. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहज़ाब
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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