Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- جَلَابِيبِهِنَّ (जलाबीब): "जिल्बाब" का बहुवचन है, जिसका अर्थ है चादर या ऐसा वस्त्र जो औरत अपने सिर और शरीर को ढकने के लिए ऊपर से पहनती है।
- يُدْنِينَ (युद्नीन): अपने ऊपर लपेटना, लटकाना या ढक लेना।
- أَدْنَى (अदना): अधिक निकट, अधिक उपयुक्त, अधिक उचित।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप अपनी पत्नियों, अपनी बेटियों और सभी मोमिन औरतों से कह दें कि वे अपनी चादरें (जलाबीब) अपने ऊपर लटका लें, यानी अपने सिर, चेहरे और पूरे शरीर को अच्छी तरह ढक लें, ताकि उनका कोई हिस्सा गैर-महरम (बाहरी पुरुषों) के सामने न खुल सके। यह आदेश इसलिए दिया गया ताकि मुस्लिम औरतें अपनी पहचान और इज़्ज़त के साथ समाज में रहें।
यह बात कि वे अपनी चादरें ढक लें, इस बात को अधिक निकट बनाती है कि उन्हें पहचान लिया जाए कि वे आज़ाद और पाकदामन औरतें हैं, इसलिए कोई शरारती या बुरी नीयत वाला व्यक्ति उन्हें छेड़ने या उन्हें तंग करने की जुर्रत न करे। जब एक औरत अपनी इस्लामी पोशाक के साथ सड़क पर निकलती है, तो उसकी शान और गरिमा साफ़ झलकती है, और समाज में उसके लिए सम्मान और सुरक्षा का माहौल बनता है।
यह आदेश सिर्फ़ उस समय के लिए नहीं था, बल्कि यह हर समय और हर जगह के लिए है। इस्लाम ने औरत को इज़्ज़त दी है और उसे समाज में एक मुक़ाम दिया है। हिजाब और पर्दा इसी इज़्ज़त और हिफ़ाज़त का ज़रिया है। यह कोई कैद नहीं, बल्कि एक रहमत है, जो औरत को बुरी नज़रों और बुरे हाथों से महफ़ूज़ रखती है।
अल्लाह ने यह भी फ़रमाया कि वह बड़ा क्षमाशील और दयावान है। यानी जिन लोगों से पहले इस मामले में कोई कमी हुई हो, वे तौबा कर लें, तो अल्लाह उन्हें माफ़ कर देगा। अल्लाह की रहमत बहुत वसीअ है, वह अपने बंदों की कमज़ोरियों को जानता है और उन पर रहम फ़रमाता है। यह आदेश एक नई ज़िंदगी का आग़ाज़ है — जो औरतें चाहें, वे आज से ही इस पाक राह पर चलकर अल्लाह की रहमत और मोहब्बत की हक़दार बनें।
याद रखिए, हिजाब सिर्फ़ कपड़ा नहीं, बल्कि एक पहचान है — पाकदामनी की, शर्म और हया की, और अल्लाह के हुक्म की इत्तिआ' की। यह औरत को गुलाम नहीं बनाता, बल्कि उसे आज़ाद करता है — उसे उसकी इज़्ज़त और इज़्ज़त के साथ जीने का हक़ देता है।
📜 आयत 57-61 — सूरा अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 59
सूरा अल-अहज़ाब आयत 59 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ नबी अपनी बीवियों और अपनी लड़कियों और मोमिनीन की…सूरा आयत 59/73 — सूरा अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहज़ाब सुनें, सूरा अल-अहज़ाब अनुवाद, सूरा अल-अहज़ाब mp3, सूरा अल-अहज़ाब pdf. आयत 57–61. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहज़ाब
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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