Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تُقَلَّبُ وُجُوهُهُمْ – उनके चेहरे पलटे जाएँगे (एक तरफ़ से दूसरी तरफ़)।
- يَا لَيْتَنَا – काश! हमने… (पछतावे और अफ़सोस का कल्पना)।
तफ़सीर:
क़ियामत के दिन उन काफ़िरों के चेहरे आग में पलटे जाएँगे—कभी उन्हें आग की तरफ़ किया जाएगा, कभी उल्टा किया जाएगा, और वे जहन्नुम की आग में खींचे जाते हुए बुरी तरह तड़पेंगे। उस वक़्त उनकी ज़बान से निकलेगा: "काश! हमने दुनिया में अल्लाह की इताअत की होती और उसके रसूल का हुक्म माना होता।"
ये पुकार महज़ अफ़सोस और पछतावे का इज़हार होगी, जब उन्हें अपनी ग़लती का एहसास होगा, लेकिन वो एहसास उस वक़्त बेकार होगा। वे देखेंगे कि जिन्होंने अल्लाह और उसके रसूल की बात मानी, वे जन्नत में हैं, और उन्होंने नाफ़रमानी की, तो अब वे जहन्नुम में हैं।
ये आयत हमें बताती है कि दुनिया की ज़िंदगी में अल्लाह और उसके रसूल की इताअत ही सच्ची कामयाबी है। रसूल ﷺ का पैग़ाम सिर्फ़ अल्लाह का पैग़ाम है—जो उनकी इताअत करे, उसने अल्लाह की इताअत की।
प्यारे भाइयो और बहनो! आज हमारे पास मौक़ा है कि हम उस दिन के अफ़सोस से पहले ही अपनी ज़िंदगी को सही कर लें। ये कल्पना मत कीजिए कि हम कल तौबा कर लेंगे—मौत कब आ जाए, पता नहीं। आज ही अल्लाह की इताअत का रास्ता अपनाइए, रसूल ﷺ की सुन्नत को अपनी ज़िंदगी में उतारिए, ताकि क़ियामत के दिन हम उन लोगों में से न हों जो पछताएँगे, बल्कि उन लोगों में से हों जिनके चेहरे जन्नत की नेमतों से चमकेंगे। अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 64-68 — सूरा अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 66
सूरा अल-अहज़ाब आयत 66 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस दिन उनके मुँह जहन्नुम की तरफ फेर दिए जाएँगें…सूरा आयत 66/73 — सूरा अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहज़ाब सुनें, सूरा अल-अहज़ाब अनुवाद, सूरा अल-अहज़ाब mp3, सूरा अल-अहज़ाब pdf. आयत 64–68. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहज़ाब
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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