Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- جُدَدٌ (जुदद): पहाड़ों में बनी राहें, रेखाएँ या धारियाँ।
- بِيضٌ (बीज़): सफेद रंग की।
- حُمْرٌ (हुम्र): लाल रंग की।
- غَرَابِيبُ (ग़राबीब): अत्यधिक काले रंग की (कौवे के रंग जैसी)।
तफ़सीर (व्याख्या):
क्या तुमने कभी अपनी आँखों से नहीं देखा और अपने दिल से नहीं सोचा कि अल्लाह ने आसमान से पानी बरसाया? फिर उसी पानी के ज़रिए हमने ज़मीन से तरह-तरह के फल उगाए, जिनके रंग अलग-अलग हैं – कोई लाल, कोई पीला, कोई हरा, कोई काला। यह विविधता उसी एक पानी से पैदा होती है, जो अल्लाह की कुदरत का अद्भुत नमूना है। इसी तरह, अल्लाह ने पहाड़ों में भी अलग-अलग रंगों की धारियाँ और राहें बनाईं – कुछ सफेद, कुछ लाल, और कुछ ऐसी काली जो कौवे के रंग जैसी दिखती हैं। यह सब उसी एक ख़ाक (मिट्टी) और चट्टानों से बना है, लेकिन रंगों में इतना फर्क है।
यह आयत हमें अल्लाह की कुदरत पर ग़ौर करने की दावत देती है। जब हम फलों के रंग, पहाड़ों की बनावट और उनकी खूबसूरती को देखते हैं, तो हमें यकीन होता है कि यह सब किसी अंधी प्रकृति का काम नहीं, बल्कि उस हकीम (बुद्धिमान) और कादिर (सर्वशक्तिमान) अल्लाह की रचना है जो हर चीज़ पर क़ादिर है। यह विविधता हमें सिखाती है कि जिस तरह पानी से अलग-अलग रंग के फल निकलते हैं, उसी तरह अल्लाह की रहमत से लोगों के दिल भी अलग-अलग होते हैं – कोई ईमान की रोशनी से रौशन होता है, कोई ग़फ़लत में रहता है।
इस आयत में हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपने आस-पास की चीज़ों को सिर्फ़ देखें नहीं, बल्कि उन पर सोचें। जो इंसान इन निशानियों पर ग़ौर करता है, उसका ईमान मज़बूत होता है और वह अल्लाह की बड़ाई का एहसास करता है। अल्लाह ने यह सब कुछ हमारे लिए बनाया है ताकि हम उसका शुक्र अदा करें और उसकी इबादत में लगे रहें। याद रखो, यह रंग-बिरंगी दुनिया एक दिन ख़त्म हो जाएगी, लेकिन अल्लाह की रहमत और उसकी जन्नत हमेशा रहने वाली है। तो आओ, हम इस कुदरत के नज़ारों से सबक़ लें और अपने रब की तरफ़ रुजू करें, क्योंकि वही सबसे बड़ा रचनाकार और मेहरबान है।
📜 आयत 25-29 — सूरा फातिर
अनुवाद — फातिर 27
सूरा फातिर आयत 27 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अब क्या तुमने इस पर भी ग़ौर नहीं किया कि…सूरा आयत 27/45 — सूरा फातिर فاطر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा फातिर सुनें, सूरा फातिर अनुवाद, सूरा फातिर mp3, सूरा फातिर pdf. आयत 25–29. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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