अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَوْحَيْنَا – हमने प्रकाशित किया / भेजा
- الْكِتَاب – यहाँ अर्थ: क़ुरआन
- الْحَقّ – सत्य, जिसमें कोई संदेह न हो
- مُصَدِّقًا – पुष्टि करने वाला / सत्यापित करने वाला
- لِّمَا بَيْنَ يَدَيْهِ – उन (किताबों) की जो इससे पहले आईं (तौरात, इंजील आदि)
- خَبِيرٌ – हर बात की पूरी खबर रखने वाला
- بَصِيرٌ – सब कुछ देखने वाला
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! यह क़ुरआन जो हमने आप पर उतारा है, यह पूर्ण सत्य है – इसमें ज़रा भी संदेह या भ्रम की गुंजाइश नहीं। यही वह किताब है जो अपने से पहले आई हुई सभी दिव्य पुस्तकों (तौरात, ज़बूर, इंजील) की पुष्टि करती है। जो सत्य और मार्गदर्शन उन किताबों में था, यह क़ुरआन उसकी तस्दीक़ करता है और उसे अपने में समेटे हुए है। यह उन सभी का अंतिम और सबसे पूर्ण रूप है।
यह कोई साधारण बात नहीं कि अल्लाह ने आप पर यह महान किताब उतारी। अल्लाह अपने बंदों के हाल से पूरी तरह वाक़िफ़ है – वह जानता है कि किस समय किस उम्मत को किस मार्गदर्शन की ज़रूरत है। उसने हर युग में अपने रसूलों पर वही किताब उतारी जो उस समय की ज़रूरतों के अनुरूप थी। और अब इस अंतिम युग के लिए उसने क़ुरआन को भेजा, जो सबसे व्यापक और सबसे स्थायी मार्गदर्शन है।
अल्लाह की निगाह उसके बंदों के ज़ाहिरी अमल पर भी है और उनके दिलों के भेदों पर भी। वह जानता है कि कौन सच्चे दिल से इस किताब को अपनाता है और कौन उससे मुँह मोड़ता है। यही वह हक़ीक़त है जो हर इंसान को सोचने पर मजबूर करती है – कि जिस किताब ने दुनिया को बदलकर रख दिया, जिसने अज्ञानता के अंधकार में डूबी हुई उम्मतों को निकालकर ज्ञान और प्रकाश की ओर ले गया, वह निश्चित रूप से अल्लाह की ओर से है।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी खुशखबरी है – कि हमें वह किताब मिली है जो सत्य है, जो कभी पुरानी नहीं होती, जिसकी शिक्षाएँ हर ज़माने के लिए ताज़ा हैं। जो इसे पकड़ ले, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता। और यह भी याद रखें कि अल्लाह हमारे हर अमल को देख रहा है – हमारी नीयतों को भी और हमारे कर्मों को भी। वह हमें उनका पूरा बदला देगा। इसलिए हमें चाहिए कि इस क़ुरआन को सिर्फ़ पढ़ें ही नहीं, बल्कि इस पर अमल करें और इसे अपनी ज़िंदगी का नक्शा बनाएँ। यही हमारी कामयाबी की कुंजी है – दुनिया में भी और आख़िरत में भी।
📜 आयत 29-33 — फातिर
अनुवाद — फातिर 31
सूरा फातिर आयत 31 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने जो किताब तुम्हारे पास ''वही'' के ज़रिए से…सूरा आयत 31/45 — फातिर فاطر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: फातिर सुनें, फातिर अनुवाद, फातिर mp3, फातिर pdf. आयत 29–33. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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