Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْبَلَاغُ: पहुँचाना, संदेश को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना।
- الْمُبِينُ: स्पष्ट, खुला हुआ, जिसमें कोई अस्पष्टता या छिपाव न हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में नबियों (अलैहिमुस्सलाम) का अपनी क़ौम को संबोधित करते हुए कहना है कि हमारा काम केवल अल्लाह का संदेश स्पष्ट रूप से पहुँचाना है। हमारी ज़िम्मेदारी यही है कि जो हुक्म अल्लाह ने दिया है, उसे बिना किसी कमी या मिलावट के तुम तक पहुँचा दें। हम तुम्हें हिदायत देने की शक्ति नहीं रखते, क्योंकि हिदायत देना केवल अल्लाह के हाथ में है।
यह बात नबियों की ओर से एक स्पष्ट घोषणा है कि उनका दायित्व सिर्फ़ संदेश पहुँचाना है, जबकि दिलों को बदलने और उन्हें सीधे रास्ते पर लाने का काम अल्लाह ही करता है। इसलिए नबियों पर किसी की हिदायत की ज़िम्मेदारी नहीं डाली जा सकती।
यह आयत हमें सिखाती है कि दीन के मामले में हर मुसलमान का फ़र्ज़ है कि वह अल्लाह का संदेश स्पष्ट रूप से लोगों तक पहुँचाए, लेकिन नतीजा अल्लाह पर छोड़ दे। हमें यह भी समझना चाहिए कि जब नबियों ने अपनी उम्मतों को यह बताया कि हमारा काम सिर्फ़ पहुँचाना है, तो यह उनकी नम्रता और अल्लाह के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रमाण है।
इस आयत से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि हम अपने आस-पास के लोगों को अच्छे अख़लाक़ और हिकमत के साथ अल्लाह के दीन की ओर बुलाएँ, लेकिन कभी यह न समझें कि हमारी कोशिशों का नतीजा हमारे हाथ में है। नतीजा तो अल्लाह ही देता है। यही नबियों का तरीक़ा था, और यही हमारे लिए सबसे अच्छा नमूना है।
अल्लाह तआला ने इस आयत में हमें यह भी बताया कि सच्चाई को पेश करने में कोई झिझक या डर नहीं होना चाहिए। जब हमारे पास स्पष्ट दलीलें हों, तो हमें बेबाकी से उन्हें पेश करना चाहिए, चाहे लोग मानें या न मानें। यही ईमान की मज़बूती और अल्लाह पर भरोसे की निशानी है।
इस आयत की रोशनी में हमें अपने जीवन में यह सबक लेना चाहिए कि हम सिर्फ़ अल्लाह की रज़ा के लिए काम करें, और अपनी ज़िम्मेदारी पूरी करने के बाद अल्लाह पर भरोसा रखें। अल्लाह हमें सच्चे दावत देने वालों में शामिल करे। आमीन।
📜 आयत 15-19 — सूरा यासीन
अनुवाद — यासीन 17
सूरा यासीन आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हम पर तो बस खुल्लम खुल्ला एहकामे खुदा का पहुँचा…सूरा आयत 17/83 — सूरा यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यासीन सुनें, सूरा यासीन अनुवाद, सूरा यासीन mp3, सूरा यासीन pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Sunday, October 11, 2026
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