अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رَبُّنَا يَعْلَمُ: हमारा रब जानता है।
- إِنَّا إِلَيْكُمْ لَمُرْسَلُونَ: हम निश्चित रूप से तुम्हारी ओर भेजे गए हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब उस बस्ती के लोगों ने तीनों रसूलों (संदेशवाहकों) को झुठलाया और उनकी रिसालत (पैग़म्बरी) पर शक किया, तो रसूलों ने अपनी सच्चाई और दावे की पुष्टि के लिए सबसे मज़बूत गवाह पेश किया—अल्लाह तआला की इल्म (ज्ञान) को। उन्होंने कहा: "हमारा रब, जिसने हमें भेजा है, वह सब कुछ जानता है। वह जानता है कि हम सच में तुम्हारी ओर भेजे गए हैं।" यह उनका उत्तर था, जिसमें उन्होंने अपनी बात को अल्लाह की गवाही पर टिकाया, क्योंकि अल्लाह की गवाही सबसे बड़ी और सबसे सच्ची होती है।
यहाँ रसूलों ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि उनका काम केवल संदेश पहुँचाना है, न कि लोगों को हिदायत देना। हिदायत तो सिर्फ़ अल्लाह के हाथ में है। वे केवल सच्चाई को स्पष्ट रूप से बयान करने के ज़िम्मेदार हैं, और यही उनकी नबुव्वत की निशानी है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि सच्चाई पर क़ायम रहने वालों को चाहिए कि वे अपने दावे में अल्लाह पर भरोसा करें और उसी की गवाही को काफ़ी समझें। जब इंसान का दिल अल्लाह की मदद पर यक़ीन रखता है, तो उसे किसी की परवाह नहीं होती, चाहे पूरी दुनिया ही उसका विरोध क्यों न करे। रसूलों का यह जवाब हमें सिखाता है कि सब्र, सच्चाई और अल्लाह पर भरोसा—यही वे गुण हैं जो इंसान को कामयाबी की राह दिखाते हैं।
और यह भी याद रखें कि अल्लाह तआला अपने बंदों की हर हालत से वाक़िफ़ है। वह जानता है कि कौन सच्चा है और कौन झूठा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने जीवन में सच्चाई को अपनाएँ और अल्लाह की राह में किसी भी मुश्किल का सामना करने के लिए तैयार रहें, क्योंकि अल्लाह की मदद सच्चे लोगों के साथ होती है। यही वह विश्वास है जो मुसलमान को हर हाल में मज़बूत रखता है और उसे दुनिया और आख़िरत की भलाई तक पहुँचाता है।
📜 आयत 14-18 — यासीन
अनुवाद — यासीन 16
सूरा यासीन आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तब उन पैग़म्बरों ने कहा हमारा परवरदिगार जानता है कि…सूरा आयत 16/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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