अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تَطَيَّرْنَا: हमने तुम्हें अशुभ समझा, तुम्हें अपशकुन माना।
- لَنَرْجُمَنَّكُمْ: हम तुम्हें पत्थर मारकर जान से मार देंगे।
- عَذَابٌ أَلِيمٌ: दर्दनाक (दुखदायी) यातना।
तफ़सीर:
जब अल्लाह के भेजे हुए रसूलों ने उस बस्ती के लोगों को एकेश्वरवाद (तौहीद) की ओर बुलाया और उन्हें अल्लाह की इबादत की दावत दी, तो उस बस्ती के लोगों ने रसूलों से कहा: "हम तुम्हें अपशकुन मानते हैं, तुम्हारी वजह से हम पर मुसीबतें आई हैं। अगर तुम अपनी इस दावत और बात से बाज़ नहीं आए, तो हम तुम्हें पत्थर मारकर जान से मार देंगे, और हमारी तरफ से तुम्हें बहुत ही दर्दनाक और तकलीफ़देह अज़ाब पहुँचेगा।"
यह उन लोगों की ज़िद, सरकशी और हक़ के सामने झुकने से इनकार था। उन्होंने रसूलों की नेक दावत का जवाब धमकियों और अत्याचार से दिया। वे यह नहीं समझ पाए कि रसूल उनके लिए रहमत बनकर आए थे, न कि अज़ाब का सबब। उन्होंने अपनी नाफ़रमानी और हठधर्मी की वजह से अल्लाह के रसूलों को ठुकरा दिया।
दावती पहलू:
यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि हक़ की राह पर चलने वालों को हमेशा मुख़ालिफ़त और तकलीफ़ों का सामना करना पड़ता है। लेकिन सब्र और अल्लाह पर भरोसा ही कामयाबी की कुंजी है। रसूलों ने धमकियों के बावजूद अपनी दावत नहीं छोड़ी, और अल्लाह ने उनकी मदद की। आज भी जो लोग अल्लाह की राह में निकलते हैं, उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, लेकिन अल्लाह का वादा है कि वह अपने नेक बंदों की मदद करता है। हमें भी चाहिए कि हक़ की राह पर साबित-क़दम रहें, चाहे दुनिया कितनी भी मुख़ालिफ़त क्यों न करे। याद रखें, अल्लाह की मदद सब्र और तक़वा के साथ है।
📜 आयत 16-20 — यासीन
अनुवाद — यासीन 18
सूरा यासीन आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह बोले हमने तुम लोगों को बहुत नहस क़दम पाया…सूरा आयत 18/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








