यासीन · 5/83
अनुवाद उच्चारण — यासीन
تَنزِيلَ الْعَزِيزِ الرَّحِيمِ ۝٥
Tanzeelal `Azeezir Raheem
📖 हिंदी अर्थ
जो बड़े मेहरबान (और) ग़ालिब (खुदा) का नाज़िल किया हुआ (है)
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تَنزِيلَ: उतारा हुआ, अवतरित किया गया।
  • الْعَزِيزِ: वह अल्लाह जो सबसे शक्तिशाली है, जिसे कोई हरा नहीं सकता, जो अपनी मर्ज़ी और हुक्म में पूर्ण प्रभुत्व रखता है।
  • الرَّحِيمِ: अत्यंत दयालु, जो अपने बंदों पर विशेष रहमत (दया) करता है, खासकर मोमिनों पर।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह क़ुरआन, जो हिदायत और रहमत का खज़ाना है, उस अल्लाह की तरफ से उतारा गया है जो अज़ीज़ (सब पर ग़ालिब और अजेय) है। उसकी शक्ति के आगे कोई ताक़त नहीं चल सकती, और वह काफ़िरों और गुनाहगारों से उनके कुकर्मों का हिसाब लेने पर पूर्ण सामर्थ्य रखता है। कोई उसे रोक नहीं सकता, न कोई उसके फ़ैसले को टाल सकता है।

साथ ही, वह रहीम (बड़ा मेहरबान) है। उसकी रहमत उसके बंदों पर छाई हुई है, ख़ासकर उन लोगों पर जो उसकी तरफ रुजू करते हैं, तौबा करते हैं और नेक अमल करते हैं। यह क़ुरआन उसी अज़ीज़ और रहीम अल्लाह का कलाम है, जो अपने बंदों की भलाई के लिए इसे उतारा गया है। यह कोई मामूली किताब नहीं, बल्कि उस शक्तिशाली और दयालु मालिक का पैग़ाम है, जो अपने बंदों को अंधेरों से निकालकर रोशनी की तरफ लाना चाहता है।

यह क़ुरआन एक सीधे रास्ते और सच्चे दीन (शरीअत) पर चलने की तालीम देता है। यह रास्ता उसी अल्लाह की तरफ से है जो अपनी कुदरत में अज़ीज़ है और अपने मोमिन बंदों पर रहीम है। वह चाहता है कि उसके बंदे इस किताब को पकड़ें, इस पर अमल करें और उसकी रहमत के साये में ज़िंदगी गुज़ारें।

दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

प्यारे भाइयो और बहनों! जिस अल्लाह ने यह क़ुरआन उतारा है, वह न केवल सबसे ताक़तवर है, बल्कि सबसे ज़्यादा मेहरबान भी है। उसकी ताक़त हमें डराती है कि हम उसके हुक्म से बाग़ी न हों, और उसकी रहमत हमें उम्मीद देती है कि हम कितने ही गुनाहगार हों, अगर हम सच्चे दिल से उसकी तरफ लौटें, तो वह हमें माफ़ कर देगा। यह क़ुरआन उसी प्यारे और ताक़तवर अल्लाह की तरफ से हमारे पास आया है, तो क्या हमें इसे पढ़ना, समझना और इस पर अमल नहीं करना चाहिए? यही हमारी कामयाबी की कुंजी है। आओ, हम इस किताब को अपनी ज़िंदगी का नक्शा बनाएं और अपने अज़ीज़ और रहीम अल्लाह की रहमत के हक़दार बनें।

🎧 सुनें

📜 आयत 3-7 — यासीन

3إِنَّكَ لَمِنَ الْمُرْسَلِينَ
(ऐ रसूल) तुम बिलाशक यक़ीनी पैग़म्बरों में से हो
4عَلَىٰ صِرَاطٍ مُّسْتَقِيمٍ
(और दीन के बिल्कुल) सीधे रास्ते पर (साबित क़दम) हो
5تَنزِيلَ الْعَزِيزِ الرَّحِيمِ
जो बड़े मेहरबान (और) ग़ालिब (खुदा) का नाज़िल किया हुआ (है)
6لِتُنذِرَ قَوْمًا مَّا أُنذِرَ آبَاؤُهُمْ فَهُمْ غَافِلُونَ
ताकि तुम उन लोगों को (अज़ाबे खुदा से) डराओ जिनके बाप दादा (तुमसे पहले किसी पैग़म्बर से) डराए नहीं गए
7لَقَدْ حَقَّ الْقَوْلُ عَلَىٰ أَكْثَرِهِمْ فَهُمْ لَا يُؤْمِنُونَ
तो वह दीन से बिल्कुल बेख़बर हैं उन में अक्सर तो (अज़ाब की) बातें यक़ीनन बिल्कुल ठीक पूरी उतरे ये लोग तो ईमान लाएँगे नहीं
यासीनकुरान सूची
83आयत
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5आयत

अनुवाद — यासीन 5

सूरा यासीन आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो बड़े मेहरबान (और) ग़ालिब (खुदा) का नाज़िल किया हुआ…

सूरा आयत 5/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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