अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اصْلَوْهَا: इसमें प्रवेश करो और इसकी आग की तपिश को महसूस करो।
- الْيَوْمَ: आज, यानी क़ियामत के दिन।
- بِمَا كُنتُمْ تَكْفُرُونَ: उस कारण से जो तुम दुनिया में कुफ़्र (अल्लाह को न मानना) करते थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
आज उस आग में प्रवेश करो और उसकी तपिश को अपनी जान से महसूस करो। यह सज़ा उस कुफ़्र और इन्कार का नतीजा है जो तुम दुनिया की ज़िन्दगी में करते थे। जब तुम्हारे पास अल्लाह के रसूल और उसकी आयतें आईं, तो तुमने उन्हें झुठलाया और उनका मज़ाक उड़ाया। आज वही इन्कार तुम्हारे लिए इस आग का ईंधन बन गया है।
यह आयत हमें एक बड़ी सीख देती है कि दुनिया में हमारा हर अमल, हर क़ौल और हर इन्कार आज के दिन हमारे सामने पेश किया जाएगा। जो लोग अल्लाह की रहमत और उसके दीन से मुँह मोड़ते हैं, वे इसका नतीजा उस दिन भुगतेंगे। लेकिन अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान है—उसने हमें दुनिया में मौका दिया है कि हम अपने कुफ़्र और गुनाहों से तौबा कर लें, अपने रब की तरफ लौट आएं। यह आयत डराने के साथ-साथ हमें जगाने के लिए है, ताकि हम आज ही अपनी ज़िन्दगी को सुधार लें और उस आग से बचने का रास्ता अपनाएं, जो अल्लाह के इन्कार करने वालों के लिए तैयार की गई है।
अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे और उस आग से महफूज़ रखे। आमीन।
📜 आयत 62-66 — यासीन
अनुवाद — यासीन 64
सूरा यासीन आयत 64 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो अब चूँकि तुम कुफ्र करते थे इस वजह से…सूरा आयत 64/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 62–66. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








