अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- नख़्तिमु (نَخْتِمُ): हम मोहर लगा देंगे, बंद कर देंगे।
- अफ़वाहिहिम (أَفْوَاهِهِمْ): उनके मुँह।
- तुकल्लिमुनā (تُكَلِّمُنَا): हमसे बात करेंगी।
- अय्दीहिम (أَيْدِيهِمْ): उनके हाथ।
- तश्हदु (تَشْهَدُ): गवाही देंगी।
- अर्जुलुहुम (أَرْجُلُهُمْ): उनके पैर।
- यक्सिबून (يَكْسِبُونَ): वे कमाते थे (अर्थात् कर्म करते थे)।
तफ़सीर (व्याख्या):
क़यामत के दिन जब अल्लाह तआला सभी लोगों को ज़िंदा करके हिसाब के लिए इकट्ठा करेंगे, तो मुशरिकीन और काफ़िर लोग अपने किए हुए गुनाहों से मुकरने की कोशिश करेंगे और झूठी क़समें खाकर कहेंगे कि हमने कोई बुराई नहीं की। उस वक़्त अल्लाह तआला उनके मुँह पर मोहर लगा देंगे, यानी उनके मुँह बंद कर दिए जाएँगे और वे कुछ बोल नहीं पाएँगे। यह अल्लाह की क़ुदरत का अज़ीमुश्शान नमूना होगा कि जो ज़ुबान दुनिया में बोलती थी, वह उस दिन ख़ामोश हो जाएगी।
फिर अल्लाह तआला उनके हाथों को बोलने की ताक़त देगा, और उनके हाथ गवाही देंगे कि उन्होंने दुनिया में क्या-क्या काम किए — चोरी की, ज़ुल्म किया, किसी को मारा-पीटा, या कोई और बुराई की। उसी तरह उनके पैर भी गवाही देंगे कि वे किन-किन बुरे कामों की तरफ़ चले, किस-किस गुनाह की जगह पर गए। हर अंग अपने किए हुए काम की गवाही देगा, और यह गवाही अल्लाह के हुक्म से होगी।
यहाँ सिर्फ़ हाथ और पैरों का ज़िक्र है, लेकिन मतलब यह है कि इंसान के सारे अंग — आँखें, कान, ज़ुबान, हाथ, पैर, त्वचा — सब उसके किए हुए कामों की गवाही देंगे। यह अल्लाह की क़ुदरत का कमाल है कि वह बोलने वाली ज़ुबान को ख़ामोश कर देगा और ख़ामोश अंगों को बोलने वाला बना देगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला की पकड़ कितनी सख़्त है और उसका हिसाब कितना बारीक है। कोई भी काम छोटा हो या बड़ा, वह क़यामत के दिन सामने आ जाएगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने हर अंग को अल्लाह की इताअत में लगाएँ — अपनी ज़ुबान को सच बोलने के लिए, अपने हाथों को नेक कामों के लिए, अपने पैरों को अच्छे कामों की तरफ़ चलने के लिए। यह आयत हमें डराती भी है और सिखाती भी है कि अगर हम दुनिया में अल्लाह की नाफ़रमानी से बचें और नेक काम करें, तो क़यामत के दिन हमारे अंग हमारे ख़िलाफ़ नहीं, बल्कि हमारे हक़ में गवाही देंगे। अल्लाह तआला रहम करने वाला है, और जो कोई तौबा करके अपनी ज़िंदगी सुधार ले, उसके लिए अल्लाह की रहमत के दरवाज़े खुले हैं।
📜 आयत 63-67 — सूरा यासीन
अनुवाद — यासीन 65
सूरा यासीन आयत 65 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : आज हम उनके मुँह पर मुहर लगा देगें और (जो)…सूरा आयत 65/83 — सूरा यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यासीन सुनें, सूरा यासीन अनुवाद, सूरा यासीन mp3, सूरा यासीन pdf. आयत 63–67. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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