यासीन · 74/83
अनुवाद उच्चारण — सूरा यासीन
وَاتَّخَذُوا مِن دُونِ اللَّهِ آلِهَةً لَّعَلَّهُمْ يُنصَرُونَ ۝٧٤
Wattakhazoo min doonil laahi aalihatal la`allahum yunsaroon
📖 हिंदी अर्थ
और लोगों ने ख़ुदा को छोड़कर (फर्ज़ी माबूद बनाए हैं ताकि उन्हें उनसे कुछ मद्द मिले हालाँकि वह लोग उनकी किसी तरह मद्द कर ही नहीं सकते

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَاتَّخَذُوا: और उन्होंने बना लिया / अपना लिया
  • مِن دُونِ اللَّهِ: अल्लाह को छोड़कर
  • آلِهَةً: पूजनीय देवता / माबूद
  • لَعَلَّهُمْ يُنصَرُونَ: ताकि वे उनकी मदद करें / उन्हें बचा लें

तफसीर (व्याख्या):

यह आयत उन लोगों के हाल का वर्णन कर रही है जिन्होंने अल्लाह तआला को छोड़कर दूसरे माबूदों को अपना लिया। ये लोग पत्थर, लकड़ी, मूर्तियों और दूसरी चीज़ों को पूजते थे, और उनसे यह उम्मीद रखते थे कि ये माबूद मुसीबत के वक़्त उनकी मदद करेंगे, उन्हें अज़ाब से बचाएँगे और उनकी सिफ़ारिश करेंगे।

यह बड़ी हैरानी और अफ़सोस की बात है कि इंसान उस ख़ालिक़ और मालिक को छोड़ देता है जिसने उसे पैदा किया, उसे रिज़्क़ दिया और उसकी हर ज़रूरत पूरी की, और फिर ऐसी चीज़ों का मुहताज हो जाता है जो न ख़ुद की मदद कर सकती हैं, न दूसरों की। ये माबूद न तो सुनते हैं, न देखते हैं, न किसी को नुक़सान पहुँचा सकते हैं और न ही किसी को फ़ायदा। वे ख़ुद किसी मुसीबत को अपने से टाल नहीं सकते, तो भला वे दूसरों की कैसे मदद करेंगे?

यह आयत हमें सिखाती है कि मदद और नुसरत सिर्फ़ अल्लाह ही से माँगनी चाहिए। वही सुनता है, वही देखता है, वही क़ुदरत रखता है। जब कोई मुसीबत आए, तो सीधे उसी से दुआ करनी चाहिए जो सब कुछ कर सकता है। अल्लाह तआला अपने बंदों के बहुत करीब है और हर पुकारने वाले की पुकार सुनता है।

याद रखिए! जो लोग अल्लाह को छोड़कर दूसरों से मदद की उम्मीद रखते हैं, वे उस मकड़ी की तरह हैं जो अपना घर बनाती है, लेकिन वह घर सबसे कमज़ोर होता है। सच्ची मदद, सच्ची पनाह और सच्ची सिफ़ारिश सिर्फ़ अल्लाह के पास है। इसलिए अपनी हर ज़रूरत, हर मुसीबत और हर दुआ में सिर्फ़ उसी का सहारा लीजिए — वही सबसे बेहतर मददगार और सबसे क़रीबी साथी है।



📜 आयत 72-76 — सूरा यासीन

72وَذَلَّلْنَاهَا لَهُمْ فَمِنْهَا رَكُوبُهُمْ وَمِنْهَا يَأْكُلُونَ
और हम ही ने चार पायों को उनका मुतीय बना दिया तो बाज़ उनकी सवारियां हैं और बाज़ को खाते हैं
73وَلَهُمْ فِيهَا مَنَافِعُ وَمَشَارِبُ ۖ أَفَلَا يَشْكُرُونَ
और चार पायों में उनके (और) बहुत से फायदे हैं और पीने की चीज़ (दूध) तो क्या ये लोग (इस पर भी) शुक्र नहीं करते
74وَاتَّخَذُوا مِن دُونِ اللَّهِ آلِهَةً لَّعَلَّهُمْ يُنصَرُونَ
और लोगों ने ख़ुदा को छोड़कर (फर्ज़ी माबूद बनाए हैं ताकि उन्हें उनसे कुछ मद्द मिले हालाँकि वह लोग उनकी किसी तरह मद्द कर ही नहीं सकते
75لَا يَسْتَطِيعُونَ نَصْرَهُمْ وَهُمْ لَهُمْ جُندٌ مُّحْضَرُونَ
और ये कुफ्फ़ार उन माबूदों के लशकर हैं (और क़यामत में) उन सबकी हाज़िरी ली जाएगी
76فَلَا يَحْزُنكَ قَوْلُهُمْ ۘ إِنَّا نَعْلَمُ مَا يُسِرُّونَ وَمَا يُعْلِنُونَ
तो (ऐ रसूल) तुम इनकी बातों से आज़ुरदा ख़ातिर (पेरशान) न हो जो कुछ ये लोग छिपा कर करते हैं और जो कुछ खुल्लम खुल्ला करते हैं-हम सबको यक़ीनी जानते हैं
यासीनकुरान सूची
83आयत
मक्कीअवतरण स्थान
74आयत

अनुवाद — यासीन 74

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Thursday, October 1, 2026

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