अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بَشَّرْنَاهُ: हमने उसे (इब्राहीम अलैहिस्सलाम को) खुशखबरी दी।
- بِإِسْحَاقَ: इसहाक (अलैहिस्सलाम) के जन्म की।
- نَبِيًّا: जो नबी होगा।
- مِنَ الصَّالِحِينَ: नेक और अच्छे लोगों में से।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपने ख़लील (दोस्त) इब्राहीम अलैहिस्सलाम को एक और बेटे की खुशखबरी दी, जिसका नाम इसहाक था। यह खुशखबरी उस वक़्त दी गई जब इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अपने बेटे इस्माइल को अल्लाह के हुक्म की तामील में ज़बह करने का पूरा अज़्म (इरादा) कर लिया था और इस पर साबित-क़दम रहे। यानी जब उन्होंने अल्लाह के हुक्म के आगे सर झुका दिया और अपने इकलौते बेटे को क़ुर्बान करने के लिए तैयार हो गए, तो अल्लाह ने उन्हें इस्माइल की जान बख्श दी और साथ ही एक और बेटे इसहाक की बशारत (खुशखबरी) दी।
यह बशारत सिर्फ़ बेटे की पैदाइश की नहीं थी, बल्कि इस बात की भी थी कि यह बेटा नबी होगा और नेक लोगों में से होगा। यानी अल्लाह ने इब्राहीम अलैहिस्सलाम को दो नेक नबी बेटों से नवाज़ा — एक इस्माइल और दूसरे इसहाक। यह उनके सब्र, रज़ा-बिल-क़ज़ा (अल्लाह की मर्ज़ी पर राज़ी रहने) और अल्लाह की इताअत का इनाम था।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि जब बंदा अल्लाह की राह में अपनी सबसे प्यारी चीज़ को क़ुर्बान करने के लिए तैयार हो जाता है, तो अल्लाह उसे उससे बेहतर और बरकत वाली चीज़ अता फ़रमाता है। इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने जब अपने बेटे को अल्लाह के हुक्म पर क़ुर्बान करने का इरादा किया, तो अल्लाह ने उन्हें दोनों बेटों को सलामत रखा और उन्हें नबुव्वत का शरफ़ अता किया।
यह भी याद रखने की बात है कि अल्लाह की बशारत (खुशखबरी) सिर्फ़ दुनिया की चीज़ों तक महदूद नहीं है, बल्कि वह अपने नेक बंदों को आख़िरत की कामयाबी और जन्नत की खुशखबरी भी देता है। जो लोग अल्लाह की राह में सब्र करते हैं और उसके हुक्मों की तामील करते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में इज़्ज़त और कामयाबी अता फ़रमाता है।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि नबुव्वत और नेकी अल्लाह की ख़ास रहमत है, जो वह अपने चुने हुए बंदों को देता है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह से दुआ करें कि वह हमें और हमारी औलाद को नेक बनाए और हमें अपनी रहमत से नवाज़े। आमीन।
📜 आयत 110-114 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 112
सूरा अस-साफ्फात आयत 112 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने इबराहीम को इसहाक़ (के पैदा होने की) खुशख़बरी…सूरा आयत 112/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 110–114. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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