अस-साफ्फात · 123/182
अनुवाद उच्चारण — सूरा अस-साफ्फात
وَإِنَّ إِلْيَاسَ لَمِنَ الْمُرْسَلِينَ ۝١٢٣
Wa inna Ilyaasa laminal mursaleen
📖 हिंदी अर्थ
और इसमें शक नहीं कि इलियास यक़ीनन पैग़म्बरों में से थे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • إِلْيَاسَ (इल्यास): यह अल्लाह के एक नबी का नाम है, जो हज़रत हारून (अलैहिस्सलाम) की संतान में से थे और बनी इसराइल की ओर भेजे गए थे।
  • لَمِنَ الْمُرْسَلِينَ (अवश्य रसूलों में से हैं): यानी वे उन चुने हुए नबियों में से हैं जिन्हें अल्लाह ने अपने बंदों की हिदायत के लिए भेजा।

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में अपने नबी हज़रत इल्यास (अलैहिस्सलाम) का ज़िक्र करते हुए फ़रमाते हैं कि वे निश्चित रूप से उन रसूलों में से थे जिन्हें अल्लाह ने अपनी रहमत और हिदायत के लिए चुना। उन्हें नबुव्वत और रिसालत का बड़ा सम्मान दिया गया। वे बनी इसराइल की ओर भेजे गए थे, और उन्होंने अपनी क़ौम को अल्लाह की इबादत की दावत दी। उन्होंने अपनी क़ौम से कहा: "क्या तुम अल्लाह से डरते नहीं? तुम किसी बुत (मूर्ति) की पूजा करते हो और सबसे अच्छा पैदा करने वाले अल्लाह को छोड़ देते हो, जो तुम्हारा रब है और तुम्हारे पहले के बाप-दादाओं का भी रब है।"

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह ने हर ज़माने में अपने नबी भेजे, और हज़रत इल्यास (अलैहिस्सलाम) उन्हीं महान रसूलों में से एक हैं। उनकी दावत का मूल संदेश वही था जो सभी नबियों का रहा है — अल्लाह की एकता (तौहीद) और उसकी अकेले इबादत। यह हमारे लिए एक सबक़ है कि हमें भी अपनी ज़िंदगी में अल्लाह को पहचानना चाहिए, उसकी इबादत करनी चाहिए और उसके सिवा किसी और की तरफ़ रुजू नहीं करना चाहिए। अल्लाह की रहमत और मार्गदर्शन ही हमारी सच्ची कामयाबी है, और उसके नबियों पर ईमान लाना हमारे दिल की सफ़ाई और ईमान की निशानी है। आइए, हम उन नबियों के नक़्शे-क़दम पर चलें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएं।



📜 आयत 121-125 — सूरा अस-साफ्फात

121إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجْزِي الْمُحْسِنِينَ
हम नेकी करने वालों को यूँ जज़ाए ख़ैर अता फरमाते हैं
122إِنَّهُمَا مِنْ عِبَادِنَا الْمُؤْمِنِينَ
बेशक ये दोनों हमारे (ख़ालिस ईमानदार बन्दों में से थे)
123وَإِنَّ إِلْيَاسَ لَمِنَ الْمُرْسَلِينَ
और इसमें शक नहीं कि इलियास यक़ीनन पैग़म्बरों में से थे
124إِذْ قَالَ لِقَوْمِهِ أَلَا تَتَّقُونَ
जब उन्होंने अपनी क़ौम से कहा कि तुम लोग (ख़ुदा से) क्यों नहीं डरते
125أَتَدْعُونَ بَعْلًا وَتَذَرُونَ أَحْسَنَ الْخَالِقِينَ
क्या तुम लोग बाल (बुत) की परसतिश करते हो और खुदा को छोड़े बैठे हो जो सबसे बेहतर पैदा करने वाला है
अस-साफ्फातकुरान सूची
182आयत
मक्कीअवतरण स्थान
123आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 123

सूरा अस-साफ्फात आयत 123 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और इसमें शक नहीं कि इलियास यक़ीनन पैग़म्बरों में से…

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Sunday, October 4, 2026

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