अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- إِلْيَاسَ (इल्यास): यह अल्लाह के एक नबी का नाम है, जो हज़रत हारून (अलैहिस्सलाम) की संतान में से थे और बनी इसराइल की ओर भेजे गए थे।
- لَمِنَ الْمُرْسَلِينَ (अवश्य रसूलों में से हैं): यानी वे उन चुने हुए नबियों में से हैं जिन्हें अल्लाह ने अपने बंदों की हिदायत के लिए भेजा।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपने नबी हज़रत इल्यास (अलैहिस्सलाम) का ज़िक्र करते हुए फ़रमाते हैं कि वे निश्चित रूप से उन रसूलों में से थे जिन्हें अल्लाह ने अपनी रहमत और हिदायत के लिए चुना। उन्हें नबुव्वत और रिसालत का बड़ा सम्मान दिया गया। वे बनी इसराइल की ओर भेजे गए थे, और उन्होंने अपनी क़ौम को अल्लाह की इबादत की दावत दी। उन्होंने अपनी क़ौम से कहा: "क्या तुम अल्लाह से डरते नहीं? तुम किसी बुत (मूर्ति) की पूजा करते हो और सबसे अच्छा पैदा करने वाले अल्लाह को छोड़ देते हो, जो तुम्हारा रब है और तुम्हारे पहले के बाप-दादाओं का भी रब है।"
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह ने हर ज़माने में अपने नबी भेजे, और हज़रत इल्यास (अलैहिस्सलाम) उन्हीं महान रसूलों में से एक हैं। उनकी दावत का मूल संदेश वही था जो सभी नबियों का रहा है — अल्लाह की एकता (तौहीद) और उसकी अकेले इबादत। यह हमारे लिए एक सबक़ है कि हमें भी अपनी ज़िंदगी में अल्लाह को पहचानना चाहिए, उसकी इबादत करनी चाहिए और उसके सिवा किसी और की तरफ़ रुजू नहीं करना चाहिए। अल्लाह की रहमत और मार्गदर्शन ही हमारी सच्ची कामयाबी है, और उसके नबियों पर ईमान लाना हमारे दिल की सफ़ाई और ईमान की निशानी है। आइए, हम उन नबियों के नक़्शे-क़दम पर चलें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएं।
📜 आयत 121-125 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 123
सूरा अस-साफ्फात आयत 123 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और इसमें शक नहीं कि इलियास यक़ीनन पैग़म्बरों में से…सूरा आयत 123/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 121–125. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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