Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَتَرَكْنَا: हमने छोड़ा / स्थापित किया
- عَلَيْهِ: उन (इलियास अलैहिस्सलाम) के लिए
- فِي الْآخِرِينَ: पिछली उम्मतों में / बाद की पीढ़ियों में
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपने नबी इलियास अलैहिस्सलाम का ज़िक्र करते हुए फ़रमाया कि हमने उनके लिए बाद की उम्मतों में एक अच्छी यादगार, सच्ची प्रशंसा और पाकीज़ा नाम छोड़ा। यानी जब भी लोगों की ज़ुबान पर उनका ज़िक्र आता है, तो वह सम्मान और महिमा के साथ आता है। यह अल्लाह की ओर से उन्हें दी गई एक विशेष इज़्ज़त है कि उनका नाम क़यामत तक के लिए अच्छाई और नेकी के साथ जुड़ा रहेगा।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला अपने नेक और मुख़लिस बंदों को दुनिया में भी अच्छी शोहरत और पाकीज़ा यादगार अता करता है। जो लोग अल्लाह की इबादत में अपनी जान लगा देते हैं, अल्लाह उनके नाम को भी ज़िंदा रखता है और उनके किरदार को लोगों के दिलों में महबूब बना देता है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि सच्ची कामयाबी सिर्फ़ अल्लाह की रज़ा और उसकी राह में नेकी करने में है। जो इंसान दुनिया में अल्लाह के लिए जिए, अल्लाह उसकी याद को क़यामत तक ज़िंदा रखता है। यह एक ऐसा इनाम है जो दौलत और औलाद से कहीं बेहतर है — कि आपका ज़िक्र अच्छाई के साथ हो, और लोग आपको रहमत और बरकत की दुआओं के साथ याद करें।
अल्लाह तआला हम सबको अपने नेक बंदों की तरह जीने की तौफ़ीक़ दे, और हमारे नामों को भी अच्छाई और नेकी के साथ जोड़े। आमीन।
📜 आयत 127-131 — सूरा अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 129
सूरा अस-साफ्फात आयत 129 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने उनका ज़िक्र ख़ैर बाद को आने वालों में…सूरा आयत 129/182 — सूरा अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-साफ्फात सुनें, सूरा अस-साफ्फात अनुवाद, सूरा अस-साफ्फात mp3, सूरा अस-साफ्फात pdf. आयत 127–131. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अस-साफ्फात
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


