अस-साफ्फात · 164/182
अनुवाद उच्चारण — अस-साफ्फात
وَمَا مِنَّا إِلَّا لَهُ مَقَامٌ مَّعْلُومٌ ۝١٦٤
Wa maa minnasa illaa lahoo maqaamum ma`loom
📖 हिंदी अर्थ
और फरिश्ते या आइम्मा तो ये कहते हैं कि मैं हर एक का एक दरजा मुक़र्रर है
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📜 आयत 162-166 — अस-साफ्फात

162مَا أَنتُمْ عَلَيْهِ بِفَاتِنِينَ
उसके ख़िलाफ (किसी को) बहका नहीं सकते
163إِلَّا مَنْ هُوَ صَالِ الْجَحِيمِ
मगर उसको जो जहन्नुम में झोंका जाने वाला है
164وَمَا مِنَّا إِلَّا لَهُ مَقَامٌ مَّعْلُومٌ
और फरिश्ते या आइम्मा तो ये कहते हैं कि मैं हर एक का एक दरजा मुक़र्रर है
165وَإِنَّا لَنَحْنُ الصَّافُّونَ
और हम तो यक़ीनन (उसकी इबादत के लिए) सफ बाँधे खड़े रहते हैं
166وَإِنَّا لَنَحْنُ الْمُسَبِّحُونَ
और हम तो यक़ीनी (उसकी) तस्बीह पढ़ा करते हैं
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अनुवाद — अस-साफ्फात 164

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Tuesday, August 18, 2026

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