अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- صَالِ الْجَحِيمِ: जहन्नम (नरक) में प्रवेश करने वाला, जलने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ मुशरिको! तुम और तुम्हारे ये देवी-देवता, जिन्हें तुम अल्लाह का भागीदार बनाते हो, तुममें से कोई भी अल्लाह के बंदों को गुमराह करने की ताक़त नहीं रखता। तुम्हारा प्रभाव केवल उन्हीं लोगों पर पड़ सकता है जिनके बारे में अल्लाह तआला का फ़ैसला पहले से लिखा जा चुका है कि वे अपने कुफ़्र और ज़ुल्म की वजह से जहन्नम में जलेंगे। अल्लाह का यह फ़ैसला अटल और सत्य है, और वह इसे पूरा करके रहेगा।
यानी हिदायत और गुमराही का मामला पूरी तरह अल्लाह के हाथ में है। जिसे अल्लाह ने हिदायत देनी होती है, कोई उसे गुमराह नहीं कर सकता, और जिसे अल्लाह ने गुमराही पर छोड़ने का फ़ैसला किया होता है, उसे कोई हिदायत नहीं दे सकता। तुम्हारे बुत और तुम्हारी साज़िशें उन लोगों को नुक़्सान पहुँचा सकती हैं जो ख़ुद अपने कुफ़्र और सरकशी से नरक का रास्ता चुन चुके हैं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला का इल्म और उसका फ़ैसला हर चीज़ पर हावी है। हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ, क्योंकि सच्ची कामयाबी उसी की राह पर चलने में है। जो लोग अल्लाह की रहमत और हिदायत के तलबगार होते हैं, अल्लाह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता। यह आयत हमें शिर्क और कुफ़्र से बचने की तरग़ीब देती है और बताती है कि अल्लाह के दीन की मदद करने वालों को अल्लाह ख़ुद मदद देता है। हमें चाहिए कि हम अपने आपको उन लोगों में शामिल करें जो अल्लाह की रहमत के हक़दार हैं, न कि उनमें जो उसके अज़ाब के मुस्तहिक़ हैं।
📜 आयत 161-165 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 163
सूरा अस-साफ्फात आयत 163 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मगर उसको जो जहन्नुम में झोंका जाने वाला हैसूरा आयत 163/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 161–165. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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