अस-साफ्फात · 163/182
अनुवाद उच्चारण — सूरा अस-साफ्फात
إِلَّا مَنْ هُوَ صَالِ الْجَحِيمِ ۝١٦٣
Illaa man huwa saalil jaheem
📖 हिंदी अर्थ
मगर उसको जो जहन्नुम में झोंका जाने वाला है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
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A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • صَالِ الْجَحِيمِ: जहन्नम (नरक) में प्रवेश करने वाला, जलने वाला।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ मुशरिको! तुम और तुम्हारे ये देवी-देवता, जिन्हें तुम अल्लाह का भागीदार बनाते हो, तुममें से कोई भी अल्लाह के बंदों को गुमराह करने की ताक़त नहीं रखता। तुम्हारा प्रभाव केवल उन्हीं लोगों पर पड़ सकता है जिनके बारे में अल्लाह तआला का फ़ैसला पहले से लिखा जा चुका है कि वे अपने कुफ़्र और ज़ुल्म की वजह से जहन्नम में जलेंगे। अल्लाह का यह फ़ैसला अटल और सत्य है, और वह इसे पूरा करके रहेगा।

यानी हिदायत और गुमराही का मामला पूरी तरह अल्लाह के हाथ में है। जिसे अल्लाह ने हिदायत देनी होती है, कोई उसे गुमराह नहीं कर सकता, और जिसे अल्लाह ने गुमराही पर छोड़ने का फ़ैसला किया होता है, उसे कोई हिदायत नहीं दे सकता। तुम्हारे बुत और तुम्हारी साज़िशें उन लोगों को नुक़्सान पहुँचा सकती हैं जो ख़ुद अपने कुफ़्र और सरकशी से नरक का रास्ता चुन चुके हैं।

दावती पहलू:

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला का इल्म और उसका फ़ैसला हर चीज़ पर हावी है। हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ, क्योंकि सच्ची कामयाबी उसी की राह पर चलने में है। जो लोग अल्लाह की रहमत और हिदायत के तलबगार होते हैं, अल्लाह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता। यह आयत हमें शिर्क और कुफ़्र से बचने की तरग़ीब देती है और बताती है कि अल्लाह के दीन की मदद करने वालों को अल्लाह ख़ुद मदद देता है। हमें चाहिए कि हम अपने आपको उन लोगों में शामिल करें जो अल्लाह की रहमत के हक़दार हैं, न कि उनमें जो उसके अज़ाब के मुस्तहिक़ हैं।



📜 आयत 161-165 — सूरा अस-साफ्फात

161فَإِنَّكُمْ وَمَا تَعْبُدُونَ
ग़रज़ तुम लोग खुद और तुम्हारे माबूद
162مَا أَنتُمْ عَلَيْهِ بِفَاتِنِينَ
उसके ख़िलाफ (किसी को) बहका नहीं सकते
163إِلَّا مَنْ هُوَ صَالِ الْجَحِيمِ
मगर उसको जो जहन्नुम में झोंका जाने वाला है
164وَمَا مِنَّا إِلَّا لَهُ مَقَامٌ مَّعْلُومٌ
और फरिश्ते या आइम्मा तो ये कहते हैं कि मैं हर एक का एक दरजा मुक़र्रर है
165وَإِنَّا لَنَحْنُ الصَّافُّونَ
और हम तो यक़ीनन (उसकी इबादत के लिए) सफ बाँधे खड़े रहते हैं
अस-साफ्फातकुरान सूची
182आयत
मक्कीअवतरण स्थान
163आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 163

सूरा अस-साफ्फात आयत 163 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मगर उसको जो जहन्नुम में झोंका जाने वाला है

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Sunday, October 4, 2026

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