Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَتَوَلَّ: मुँह फेर लो, उनसे किनारा कर लो
- عَنْهُمْ: उन (मक्का के काफिरों) से
- حَتَّى حِينٍ: एक निश्चित समय तक, अर्थात जब तक अल्लाह की ओर से युद्ध का आदेश न आ जाए
व्याख्या:
ऐ नबी! उन लोगों से जो सत्य को ठुकरा रहे हैं और हठधर्मी पर अड़े हुए हैं, अभी के लिए किनारा कर लो। उनकी बातों, उनके उपहास और उनकी ओर से होने वाली तकलीफ़ों को झेलते हुए उन्हें उनके हाल पर छोड़ दो। यह आदेश उस समय तक के लिए है जब तक अल्लाह तआला की ओर से युद्ध की अनुमति न आ जाए। यह एक ऐसा निर्देश है जो रणनीतिक धैर्य और सहनशीलता की शिक्षा देता है।
यह आयत हमें सिखाती है कि हर चीज़ का एक समय होता है। जब अल्लाह की ओर से आदेश आएगा, तो उसका इंतज़ार करो। उनकी सज़ा का समय निश्चित है, और वह अवश्य आएगा। जैसे नबी करीम ﷺ ने मक्का में तेरह साल तक सब्र किया, फिर अल्लाह ने जिहाद की अनुमति दी, उसी प्रकार हर मुसलमान को चाहिए कि कठिनाइयों में धैर्य रखे और अल्लाह के फैसले का इंतज़ार करे।
इस आयत में एक बड़ी खुशखबरी भी है — यह कि यह संघर्ष हमेशा नहीं रहेगा, और न ही यह कठिनाई स्थायी है। जैसे ही अल्लाह का आदेश आएगा, हालात बदल जाएँगे। यही वह दृढ़ विश्वास है जो मोमिन के दिल को सुकून देता है और उसे आगे बढ़ने की ताक़त देता है। अल्लाह अपने बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता, और हर मुश्किल के बाद आसानी का वादा उसकी ओर से है।
📜 आयत 172-176 — सूरा अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 174
सूरा अस-साफ्फात आयत 174 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो (ऐ रसूल) तुम उनसे एक ख़ास वक्त तक मुँह…सूरा आयत 174/182 — सूरा अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-साफ्फात सुनें, सूरा अस-साफ्फात अनुवाद, सूरा अस-साफ्फात mp3, सूरा अस-साफ्फात pdf. आयत 172–176. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अस-साफ्फात
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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