अस-साफ्फात · 175/182
अनुवाद उच्चारण — अस-साफ्फात
وَأَبْصِرْهُمْ فَسَوْفَ يُبْصِرُونَ ۝١٧٥
Wa absirhum fasawfa yubsiroon
📖 हिंदी अर्थ
और इनको देखते रहो तो ये लोग अनक़रीब ही (अपना नतीजा) देख लेगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • وَأَبْصِرْهُمْ: उन्हें देखो, अर्थात उन पर नज़र रखो और उनका इंतज़ार करो।
  • فَسَوْفَ يُبْصِرُونَ: तो वे शीघ्र ही देख लेंगे, अर्थात उन्हें अपने किए का परिणाम अवश्य देखना होगा।

तफ़सीर:

ऐ नबी! जो लोग हठधर्मी पर अड़े हुए हैं और सत्य को स्वीकार करने से इनकार कर रहे हैं, उनसे आप किनारा कर लें और उन्हें उनकी हालत पर छोड़ दें। उन पर नज़र रखें और प्रतीक्षा करें कि आख़िर उनका अंजाम क्या होता है। जब अल्लाह का फ़ैसला आएगा और उन पर अज़ाब नाज़िल होगा, तो वे स्वयं देख लेंगे कि जिस सत्य को वे झुठला रहे थे, वह कितना सच्चा था। उस दिन उनकी आँखें खुल जाएँगी, लेकिन वहाँ देखना उनके किसी काम न आएगा। यह अल्लाह की सुन्नत (रीति) है कि वह ज़ालिमों को मोहलत देता है, लेकिन उन्हें कभी नहीं छोड़ता। जब अज़ाब आ जाता है, तो पछतावा और देखना ही उनके हिस्से में बचता है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि सत्य के पैरोकारों को कभी निराश नहीं होना चाहिए। भले ही बातिल के झंडा बरदार कितने भी शक्तिशाली क्यों न दिखें, अल्लाह का वादा सत्य है कि वह अपने नबियों और सच्चे लोगों की मदद करता है। जो लोग आज हँस रहे हैं और सत्य का मज़ाक उड़ा रहे हैं, कल उन्हीं की हँसी उनके लिए रोने का सबब बनेगी। इसलिए हमें सब्र और दृढ़ता के साथ अपने ईमान पर क़ायम रहना चाहिए, क्योंकि अल्लाह की मदद ज़रूर आती है, और अंजाम परहेज़गारों के ही लिए होता है। यही अल्लाह का वादा है, और अल्लाह अपने वादे के खिलाफ़ कभी नहीं करता।



📜 आयत 173-177 — अस-साफ्फात

173وَإِنَّ جُندَنَا لَهُمُ الْغَالِبُونَ
और हमारा लश्कर तो यक़ीनन ग़ालिब रहेगा
174فَتَوَلَّ عَنْهُمْ حَتَّىٰ حِينٍ
तो (ऐ रसूल) तुम उनसे एक ख़ास वक्त तक मुँह फेरे रहो
175وَأَبْصِرْهُمْ فَسَوْفَ يُبْصِرُونَ
और इनको देखते रहो तो ये लोग अनक़रीब ही (अपना नतीजा) देख लेगे
176أَفَبِعَذَابِنَا يَسْتَعْجِلُونَ
तो क्या ये लोग हमारे अज़ाब की जल्दी कर रहे हैं
177فَإِذَا نَزَلَ بِسَاحَتِهِمْ فَسَاءَ صَبَاحُ الْمُنذَرِينَ
फिर जब (अज़ाब) उनकी अंगनाई में उतर पडेग़ा तो जो लोग डराए जा चुके हैं उनकी भी क्या बुरी सुबह होगी
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अनुवाद — अस-साफ्फात 175

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Tuesday, August 18, 2026

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