Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَادَانَا (नादाना): हमें पुकारा, हमसे प्रार्थना की।
- فَلَنِعْمَ الْمُجِيبُونَ (फ़लानि'मल मुजीबून): तो कितने अच्छे उत्तर देने वाले हैं (हम हैं)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में अपने नबी नूह (अलैहिस्सलाम) का ज़िक्र किया है, जो सब्र और इस्तिक़ामत (दृढ़ता) की मिसाल हैं। उन्होंने अपनी क़ौम को सैकड़ों सालों तक तौहीद (एकेश्वरवाद) की दावत दी, लेकिन उनकी क़ौम ने उन्हें झुठलाया और उनका मज़ाक़ उड़ाया। जब उन्होंने देखा कि उनकी क़ौम पर कोई असर नहीं हो रहा और वे हिदायत क़बूल नहीं कर रहे, तो उन्होंने अल्लाह को पुकारा और अपनी क़ौम पर अज़ाब (यातना) की दुआ माँगी।
अल्लाह तआला फ़रमाता है: "और बेशक नूह ने हमें पुकारा, तो हम कितने अच्छे उत्तर देने वाले हैं।" यानी अल्लाह ने उनकी दुआ को बहुत अच्छे तरीक़े से क़बूल किया और उनकी क़ौम को तूफ़ान (सैलाब) में डुबो कर हलाक कर दिया। यह अल्लाह की क़ुदरत और अपने नबी की मदद का सबूत है।
इस आयत से हमें कई सबक़ मिलते हैं:
- दुआ की ताक़त: जब इंसान ख़ालिस दिल से अल्लाह को पुकारता है, तो अल्लाह उसकी दुआ ज़रूर सुनता है और बेहतरीन अंदाज़ में क़बूल करता है। नूह (अलैहिस्सलाम) की दुआ इसकी जीती-जागती मिसाल है।
- सब्र और यक़ीन: नूह (अलैहिस्सलाम) ने सैकड़ों सालों तक सब्र किया और अल्लाह पर पूरा भरोसा रखा। अल्लाह ने उन्हें कभी निराश नहीं किया। यह हमारे लिए सबक़ है कि हम भी मुसीबतों में सब्र करें और अल्लाह पर भरोसा रखें।
- अल्लाह की मदद: जब अल्लाह के बंदे उसकी राह में मेहनत करते हैं और उससे मदद माँगते हैं, तो अल्लाह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता। वह हमेशा उनकी मदद करता है, चाहे वह मदद किसी भी रूप में आए।
इस आयत से हमें यह भी पता चलता है कि अल्लाह अपने नबियों की दुआ को कैसे क़बूल करता है और उनके दुश्मनों को कैसे हलाक करता है। यह हमारे लिए एक तसल्ली है कि अगर हम सच्चे दिल से अल्लाह की राह पर चलें और उससे मदद माँगें, तो वह हमें ज़रूर कामयाब करेगा।
अल्लाह तआला हमें भी अपने नबियों की तरह सब्र, इस्तिक़ामत और दुआ की ताक़त अता करे। आमीन।
📜 आयत 73-77 — सूरा अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 75
सूरा अस-साफ्फात आयत 75 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और नूह ने (अपनी कौम से मायूस होकर) हमें ज़रूर…सूरा आयत 75/182 — सूरा अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-साफ्फात सुनें, सूरा अस-साफ्फात अनुवाद, सूरा अस-साफ्फात mp3, सूरा अस-साफ्फात pdf. आयत 73–77. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अस-साफ्फात
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


