साद · 36/88
अनुवाद उच्चारण — सूरा साद
فَسَخَّرْنَا لَهُ الرِّيحَ تَجْرِي بِأَمْرِهِ رُخَاءً حَيْثُ أَصَابَ ۝٣٦
Fasakhkharnaa lahur reeha tajree bi amrihee rukhaaa`an haisu asaab
📖 हिंदी अर्थ
तो हमने हवा को उनका ताबेए कर दिया कि जहाँ वह पहुँचना चाहते थे उनके हुक्म के मुताबिक़ धीमी चाल चलती थी

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abdurrahman As-Sudais ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
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A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَسَخَّرْنَا: हमने वश में कर दिया।
  • الرِّيحَ: हवा।
  • تَجْرِي: चलती है।
  • رُخَاءً: नरम, मुलायम और आरामदायक (अपनी ताकत के बावजूद)।
  • حَيْثُ أَصَابَ: जिधर वह जाना चाहता या इरादा करता।

तफसीर (व्याख्या):

हज़रत सुलेमान (अलैहिस्सलाम) ने अपने रब से एक ऐसा बादशाहत माँगा था जो उनके बाद किसी को न मिले। अल्लाह तआला ने उनकी यह दुआ क़बूल की और उन्हें ऐसी नेमतें अता फ़रमाईं जो किसी और को नहीं दी गईं। इन्हीं नेमतों में से एक यह थी कि अल्लाह ने हवा को उनके वश में कर दिया।

यह हवा अपनी ताकत और तेज़ी के बावजूद उनके हुक्म पर इस तरह चलती थी कि वह नरम और मुलायम हो जाती थी। जब हज़रत सुलेमान (अलैहिस्सलाम) कहीं जाना चाहते, तो हवा उन्हें और उनके लश्कर को उठाकर मंज़िल तक पहुँचा देती। वह हवा उनके इशारे पर चलती, न उन्हें तकलीफ़ होती और न ही किसी तरह की रुकावट। यह अल्लाह की कुदरत का एक अज़ीम नमूना था कि इतनी तेज़ और ज़बरदस्त हवा एक नबी के हुक्म के आगे झुक गई और उनके लिए सवारी बन गई।

इस आयत में हमारे लिए बड़ी सीख है कि अल्लाह तआला जब किसी को इज़्ज़त देना चाहता है, तो पूरी कायनात उसके ताबे हो जाती है। और यह भी सीख है कि दुआ और अच्छे आमाल की बरकत से अल्लाह इंसान को ऐसी ताकतें अता करता है जिनका तसव्वुर भी नहीं किया जा सकता। हमें चाहिए कि हम भी अपने रब से दुआ करें और उसकी नेमतों के शुक्रगुज़ार बनें, क्योंकि अल्लाह अपने नेक बंदों को कभी निराश नहीं करता।



📜 आयत 34-38 — सूरा साद

34وَلَقَدْ فَتَنَّا سُلَيْمَانَ وَأَلْقَيْنَا عَلَىٰ كُرْسِيِّهِ جَسَدًا ثُمَّ أَنَابَ
और हमने सुलेमान का इम्तेहान लिया और उनके तख्त पर एक बेजान धड़ लाकर गिरा दिया
35قَالَ رَبِّ اغْفِرْ لِي وَهَبْ لِي مُلْكًا لَّا يَنبَغِي لِأَحَدٍ مِّن بَعْدِي ۖ إِنَّكَ أَنتَ الْوَهَّابُ
फिर (सुलेमान ने मेरी तरफ) रूजू की (और) कहा परवरदिगार मुझे बख्श दे और मुझे वह मुल्क अता फरमा जो मेरे बाद किसी के वास्ते शायाँह न हो इसमें तो शक नहीं कि तू बड़ा बख्शने वाला है
36فَسَخَّرْنَا لَهُ الرِّيحَ تَجْرِي بِأَمْرِهِ رُخَاءً حَيْثُ أَصَابَ
तो हमने हवा को उनका ताबेए कर दिया कि जहाँ वह पहुँचना चाहते थे उनके हुक्म के मुताबिक़ धीमी चाल चलती थी
37وَالشَّيَاطِينَ كُلَّ بَنَّاءٍ وَغَوَّاصٍ
और (इसी तरह) जितने शयातीन (देव) इमारत बनाने वाले और ग़ोता लगाने वाले थे
38وَآخَرِينَ مُقَرَّنِينَ فِي الْأَصْفَادِ
सबको (ताबेए कर दिया और इसके अलावा) दूसरे देवों को भी जो ज़ंज़ीरों में जकड़े हुए थे
सादकुरान सूची
88आयत
मक्कीअवतरण स्थान
36आयत

अनुवाद — साद 36

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Thursday, October 1, 2026

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