Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَصْلَوْنَهَا — वे उसमें प्रवेश करेंगे और उसकी आग की तपन को भोगेंगे।
- الْمِهَاد — बिछौना, फ़राश, आराम की जगह।
तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों के भयानक अंजाम का वर्णन कर रही है जो अल्लाह की हदों से आगे बढ़ गए, कुफ़्र और नाफ़रमानी में सरकश हो गए। उनके लिए जो कुछ तैयार किया गया है, वह है जहन्नम — वह आग जो उन्हें चारों तरफ से घेर लेगी, और उसकी लपटें उनके बदन को झुलसा देंगी। वे उसमें दाख़िल होंगे और उसकी तपिश और अज़ाब का मज़ा चखेंगे।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है: "तो क्या ही बुरा बिछौना है वह!" — यानी जहन्नम उनके लिए न तो आराम की जगह है, न सुकून का ठिकाना। जिस तरह दुनिया में इंसान अपने बिछौने पर आराम और सुकून चाहता है, वहाँ उनका बिछौना आग की चादर और जलती हुई ज़मीन होगी। कितनी बुरी मंज़िल है, और कितना बुरा ठिकाना है!
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि अगर हम आज अल्लाह की नाफ़रमानी में जी रहे हैं, तो कल का अंजाम क्या होगा? लेकिन अल्लाह रहीम और करीम है — उसने हमें मौका दिया है, तौबा का दरवाज़ा खुला रखा है। आज भी जो अपने गुनाहों से बाज़ आ जाए, अल्लाह उसके गुनाह माफ़ फ़रमा देता है और उसे जहन्नम से बचाकर जन्नत की राह दिखा देता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को संवारें, अल्लाह के हुक्मों पर चलें, और उस आग से बचने की कोशिश करें जिसका ईंधन इंसान और पत्थर हैं। अल्लाह हम सबको जहन्नम की आग से महफ़ूज़ रखे और जन्नतुल-फ़िरदौस का मेहमान बनाए। आमीन।
📜 आयत 54-58 — सूरा साद
अनुवाद — साद 56
सूरा साद आयत 56 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जहन्नुम जिसमें उनको जाना पड़ेगा तो वह क्या बुरा ठिकाना…सूरा आयत 56/88 — सूरा साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा साद सुनें, सूरा साद अनुवाद, सूरा साद mp3, सूरा साद pdf. आयत 54–58. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा साद
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


