साद · 57/88
अनुवाद उच्चारण — साद
هَٰذَا فَلْيَذُوقُوهُ حَمِيمٌ وَغَسَّاقٌ ۝٥٧
Haazaa falyazooqoohu hameemunw wa ghassaaq
📖 हिंदी अर्थ
ये खौलता हुआ पानी और पीप और इस तरह अनवा अक़साम की दूसरी चीज़े हैं
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • حَمِيمٌ: अत्यंत गर्म (खौलता हुआ) पानी।
  • غَسَّاقٌ: बहता हुआ पीब (पस), जो जहन्नमियों के शरीर से निकलता है; कुछ मुफ़स्सिरों ने इसे अत्यधिक ठंडा (ज़म्हरीर) भी कहा है जो अपनी सर्दी से जला देता है।

तफ़सीर:

यह वह आज़ाब है जो अल्लाह तआला ने सरकशों और काफ़िरों के लिए तैयार किया है। यहाँ बताया जा रहा है कि जब ये लोग जहन्नम में दाखिल होंगे, तो उन्हें ऐसा पेय पिलाया जाएगा जो निहायत गर्म खौलता हुआ पानी होगा, और साथ ही उन्हें ग़स्साक़ (बदबूदार पीब और लहू) भी पिलाया जाएगा जो उनके अपने ही जिस्मों से निकलेगा। यह वह सज़ा है जिसे वे चखेंगे और जो उनकी प्यास कभी नहीं बुझाएगी, बल्कि उनकी प्यास और बढ़ाएगी और उनके अंदरूनी हिस्सों को जला देगी। यह उनके कुफ़्र और नाफ़रमानी का नतीजा है, क्योंकि उन्होंने दुनिया में अल्लाह के हुक्मों को ठुकराया और अपनी ख्वाहिशात का पैरवी की।

दावती पहलू:

यह आयत हमें अल्लाह के आज़ाब से डराती है और बताती है कि दुनिया की ये चंद रोज़ की ख़्वाहिशें और लज़्ज़तें उस अज़ाब के मुक़ाबले कुछ भी नहीं। अल्लाह तआला ने अपने बंदों पर बड़ा एहसान किया है कि उन्हें दुनिया में भेजकर रसूलों और किताबों के ज़रिए राह दिखाई, ताकि वे इस भयानक अंजाम से बच सकें। जो शख्स आज अल्लाह की राह पर चलता है और उसके हुक्मों का पालन करता है, वह इस आज़ाब से महफूज़ रहेगा। यही वह मौका है जब हमें अपनी ज़िंदगी को सँवारना चाहिए, तौबा करनी चाहिए और अल्लाह की रहमत की तरफ लौटना चाहिए, क्योंकि अल्लाह की रहमत उसके आज़ाब से कहीं ज़्यादा वसी' है। जो लोग दुनिया में अल्लाह के ज़िक्र से ग़ाफ़िल रहे, वे उस दिन पछताएँगे, लेकिन पछतावा उस वक्त काम न आएगा। इसलिए आज ही अपने रब की तरफ रुजू करें और उसकी रज़ा के लिए जिएँ, ताकि उस दिन हम उन लोगों में से न हों जिन्हें यह कड़वा और जलाने वाला पेय पीना पड़े।

🎧 सुनें

📜 आयत 55-59 — साद

55هَٰذَا ۚ وَإِنَّ لِلطَّاغِينَ لَشَرَّ مَآبٍ
ये परहेज़गारों का (अन्जाम) है और सरकशों का तो यक़ीनी बुरा ठिकाना है
56جَهَنَّمَ يَصْلَوْنَهَا فَبِئْسَ الْمِهَادُ
जहन्नुम जिसमें उनको जाना पड़ेगा तो वह क्या बुरा ठिकाना है
57هَٰذَا فَلْيَذُوقُوهُ حَمِيمٌ وَغَسَّاقٌ
ये खौलता हुआ पानी और पीप और इस तरह अनवा अक़साम की दूसरी चीज़े हैं
58وَآخَرُ مِن شَكْلِهِ أَزْوَاجٌ
तो ये लोग उन्हीं पड़े चखा करें (कुछ लोगों के बारे में) बड़ों से कहा जाएगा
59هَٰذَا فَوْجٌ مُّقْتَحِمٌ مَّعَكُمْ ۖ لَا مَرْحَبًا بِهِمْ ۚ إِنَّهُمْ صَالُو النَّارِ
ये (तुम्हारी चेलों की) फौज भी तुम्हारे साथ ही ढूँसी जाएगी उनका भला न हो ये सब भी दोज़ख़ को जाने वाले हैं
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अनुवाद — साद 57

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सूरा आयत 57/88 — साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: साद सुनें, साद अनुवाद, साद mp3, साद pdf. आयत 55–59. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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