अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قَدَرُوا – उन्होंने अंदाज़ा नहीं किया, महत्व नहीं समझा
- حَقَّ قَدْرِهِ – जैसा उसकी शान के लायक है
- قَبْضَتُهُ – उसकी मुट्ठी में, उसके नियंत्रण में
- مَطْوِيَّاتٌ – लपेटी हुईं, तह की हुईं
- بِيَمِينِهِ – उसके दाहिने हाथ में (जैसा उसकी शान के लायक है)
- سُبْحَانَهُ – वह पाक है, हर कमी से मुक्त है
विस्तृत तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों के बारे में है जो अल्लाह के साथ दूसरों को साझीदार बनाते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि इन मुशरिकों ने अल्लाह की क़द्र नहीं की, उसकी असली अज़मत और शान को नहीं पहचाना। अगर वे सच में अल्लाह की अज़मत को समझते, तो कभी उसके साथ किसी और की इबादत नहीं करते। उन्होंने एक कमज़ोर, लाचार मख़लूक़ (पैदा की हुई चीज़) को उस ख़ालिक़-ए-आज़म (महान रचनाकार) के बराबर कर दिया जिसकी क़ुदरत का कोई अंत नहीं।
अल्लाह की अज़मत का अंदाज़ा इससे लगाइए कि क़यामत के दिन पूरी ज़मीन — अपने पहाड़ों, दरियाओं, समुद्रों, पेड़ों और हर चीज़ के साथ — उसकी मुट्ठी में होगी। और सातों आसमान उसके दाहिने हाथ में लपेटे हुए होंगे। यानी जिस अल्लाह की क़ुदरत के सामने यह विशाल ब्रह्मांड एक मुट्ठी भर चीज़ के बराबर है, उसके साथ किसी को शरीक करना कितनी बड़ी नादानी और गुमराही है!
अल्लाह तआला इन सब बातों से पाक और बुलंद है। वह हर उस चीज़ से मुक्त है जो ये मुशरिक उसके बारे में कहते या मानते हैं। यहाँ यह समझना ज़रूरी है कि अल्लाह के "हाथ" और "मुट्ठी" का ज़िक्र क़ुरआन में आया है, लेकिन हम इसकी कैफ़ियत (आकार-प्रकार) नहीं जानते। यह उसी तरह है जैसा अल्लाह की शान के लायक है — न किसी मख़लूक़ के हाथ जैसा, न किसी चीज़ से मिलता-जुलता। हम इस पर ईमान रखते हैं बिना तश्बीह (समानता) और बिना तकीफ़ (आकार निर्धारित किए) के।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह की अज़मत पर ग़ौर करें। जब हम इस ब्रह्मांड को देखते हैं — चाँद, सितारे, पहाड़, समुद्र — तो हमें याद रखना चाहिए कि यह सब उसी की मुट्ठी में है। जिस अल्लाह की क़ुदरत इतनी महान है, उसी की इबादत करना, उसी से डरना और उसी से उम्मीद रखना हमारी ज़िंदगी का असली मक़सद है। यह आयत हमें तौहीद (एकेश्वरवाद) की तरफ बुलाती है और शिर्क (बहुदेववाद) से सख़्त मना करती है। कितनी खूबसूरत बात है कि हमारा रब इतना महान है कि सारा जहान उसकी मुट्ठी में है, फिर भी वह अपने बंदों के करीब है, उनकी दुआएँ सुनता है और उन पर रहम करता है।
📜 आयत 65-69 — अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 67
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 67 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उन लोगों ने ख़ुदा की जैसी क़द्र दानी करनी…सूरा आयत 67/75 — अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुमर सुनें, अज़-ज़ुमर अनुवाद, अज़-ज़ुमर mp3, अज़-ज़ुमर pdf. आयत 65–69. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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